Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryनगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने ठेकेदारी प्रथा के विरोध में शुक्रवार सुबह से काम ठप कर दिया है। गाड़ी खाना में धरने पर बैठे कर्मियों ने विनियमितीकरण और पीएफ भुगतान समेत कई मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-bfd0a724
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया नगर पालिका क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार से शहर की व्यवस्थाएं चरमराने लगी हैं। शुक्रवार सुबह 10 बजे से तमाम कर्मचारियों ने अपने काम से दूरी बना ली और गाड़ी खाना परिसर में एकत्र होकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस आंदोलन का मुख्य कारण सफाई कार्य का ठेका दिए जाने का विरोध करना है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसड़कों और दुकानों के बाहर लगा कचरा, कारोबारियों में आक्रोश Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहड़ताल का असर सुबह से ही शहर की सड़कों पर दिखने लगा। बाजारों और दुकानों के सामने कचरे के ढेर जमा हो गए, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 11 बजे जब व्यापारी गोलू सोनी अपनी दुकान खोलने पहुंचे, तो उन्होंने दुकान के बाहर गंदगी का अंबार पाया। मजबूरन उन्हें खुद आसपास सफाई करनी पड़ी। व्यापारियों ने रोष जताते हुए कहा कि वे सुबह दुकान पर पूजा-पाठ करते हैं, ऐसे में गंदगी होने से उन्हें परेशानी होती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरोजी-रोटी छिनने का डर और पुरानी नियुक्तियों की मांग Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteधरना दे रहे कर्मचारियों ने आशंका जताई है कि नगर पालिका सफाई व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। उनका कहना है कि यदि ठेकेदारी प्रथा लागू हुई, तो उनके परिवारों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वर्ष 1986 के बाद से सफाई पदों पर कोई नियमित भर्ती नहीं की गई है। कई कर्मी 1993, 1998 और 2008 से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें आज तक विनियमित नहीं किया गया है। कुछ चुनिंदा पुराने कर्मियों को तो लाभ मिला, बाकी वर्षों से वंचित हैं। इनमें से कई कर्मचारी 15 से लेकर 35 साल तक का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपदोन्नति और पीएफ से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकर्मचारियों ने अपनी अन्य समस्याओं का जिक्र करते हुए बताया कि नगर पालिका में लगभग 35-36 मेट और 40-45 ड्राइवर कार्यरत हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जो पिछले 5 से 15 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा, कर्मियों ने गंभीर आरोप लगाया कि उनका पिछले दो साल से भविष्य निधि (पीएफ) का पैसा भी जमा नहीं किया गया है। मेटों से जन्म-मृत्यु जैसे कार्यों में हस्ताक्षर कराए जाते हैं, लेकिन उनकी अन्य समस्याओं की अनदेखी हो रही है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअचानक हुई इस हड़ताल के चलते नगर पालिका प्रशासन के सामने एक तरफ कर्मचारियों की जायज मांगों का निराकरण करने की चुनौती है, तो दूसरी ओर शहर में फैल रही गंदगी के बीच सफाई व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की बड़ी जिम्मेदारी आन पड़ी है। Add text below Add image below