Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया में नवनियुक्त भाजपा जिलाध्यक्ष माधवेंद्र सिंह परिहार के स्वागत समारोह के दौरान पार्टी के भीतर की सियासी दूरियां चर्चा का विषय रहीं। मंच पर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और आशुतोष तिवारी के बीच एक कुर्सी का अंतर देखा गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-be83d4ff
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरेलवे स्टेशन से पीतांबरा पीठ तक निकला स्वागत जुलूस Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया में भाजपा के हाल ही में नियुक्त किए गए जिलाध्यक्ष माधवेंद्र सिंह परिहार का स्वागत कार्यक्रम गुरुवार को आयोजित किया गया। इस दौरान शहर के रेलवे स्टेशन से एक स्वागत जुलूस निकाला गया जो आगे बढ़कर पीतांबरा पीठ तक पहुंचा। इस पूरे घटनाक्रम और जुलूस के दौरान पार्टी के भीतर मौजूद गुटबाजी और सियासी दूरियां साफ तौर पर चर्चा का केंद्र बनी रहीं। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमंच पर नरोत्तम मिश्रा और आशुतोष तिवारी के बीच रही दूरी Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय भाजपा कार्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान मंच पर पार्टी के कई दिग्गज नेता मौजूद थे। इनमें पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, आशुतोष तिवारी और सेवड़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल शामिल रहे। हालांकि, जब नेता मंच पर बैठे तो नरोत्तम मिश्रा और आशुतोष तिवारी के बीच एक कुर्सी का फासला साफ देखा गया। तकनीकी रूप से यह खाली कुर्सी सेवड़ा नगर परिषद अध्यक्ष के पति गोविंद सिंह नागिल के लिए रखी गई थी, लेकिन इन दोनों नेताओं के बीच की यह दूरी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजिलाध्यक्ष का अनोखा अंदाज, कार्यकर्ताओं के साथ लगाई दौड़ Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यक्रम के एक हिस्से के रूप में पीतांबरा मंदिर परिसर में नवनियुक्त जिलाध्यक्ष माधवेंद्र सिंह परिहार ने अचानक कार्यकर्ताओं के साथ दौड़ लगाना शुरू कर दिया। उन्होंने मजाकिया और सख्त लहजे में कहा कि जो कार्यकर्ता उनके साथ दौड़ेगा, केवल वही उनकी आगामी टीम और कार्यकारिणी में पदाधिकारी बन पाएगा, अन्यथा वे पीछे छूट जाएंगे। उनके इस तरह दौड़ने का वीडियो भी सामने आया है, जो क्षेत्र में तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके बाद भाजपा कार्यालय में अपने औपचारिक संबोधन के दौरान परिहार ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 1995 में जिला प्रवक्ता के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी और साल 1998 में युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी में व्यक्ति पूजा या परिक्रमा करने की कोई आवश्यकता नहीं है, बल्कि काम और अनुशासन सर्वोपरि होना चाहिए। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपरिहार ने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति की राह में कई लोग अपने मार्ग से फिसल जाते हैं, लेकिन मूल्य आधारित राजनीति से कभी नहीं भटकना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी से अच्छे संबंध बनाए रखें और अधिकारियों से बातचीत के दौरान शालीनता व अनुशासन का विशेष ध्यान रखें। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअपने चयन की प्रक्रिया के बारे में बात करते हुए जिलाध्यक्ष ने खुलासा किया कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष का फोन रात में आया था और अगले ही दिन उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद भी अंतिम समय तक यह अंदाजा नहीं था कि उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इससे यह साबित होता है कि भाजपा संगठन एक सामान्य कार्यकर्ता के आचरण और उसके काम का लगातार आकलन करता रहता है। Add text below Add image below