Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया-सेंवढ़ा रोड स्थित लक्ष्मणपुरा गांव में प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार बंधुआ मजदूरों को तबेले और खेतों से मुक्त कराया है। ये सभी मजदूर गैर-हिंदी भाषी और मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे हैं, जिन्हें डरा-धमकाकर काम कराया जा रहा था।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-ba907311
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन और पुलिस की संयुक्त दबिश Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया जिले के सेंवढ़ा मार्ग पर स्थित ग्राम लक्ष्मणपुरा में बाहरी और मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों से जबरन काम कराए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस बात की पुख्ता शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग, श्रम विभाग तथा इंदरगढ़, थरेट और लांच थानों की पुलिस ने एक विशेष संयुक्त दल बनाकर बुधवार की सुबह गांव में औचक कार्रवाई की। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस छापेमारी के दौरान दबंगों के परिसरों से चार युवकों को छुड़ाया गया। प्रारंभिक तौर पर मुक्त कराए गए युवकों की पहचान अनुज मिश्रा, अनुज, पिंटू और एक अन्य व्यक्ति के रूप में हुई है, जो भैंसों के तबेलों और खेतों में चारा काटने का काम करने को मजबूर किए जा रहे थे। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteडराए-सहमे मिले पीड़ित, बोल पाने में असमर्थ Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमौके से छुड़ाए गए इन चारों युवकों के साथ इतनी मारपीट और प्रताड़ना की गई थी कि उनकी शारीरिक स्थिति काफी दयनीय हो चुकी थी। खौफ और मानसिक कमजोरी के कारण वे अपना पूरा नाम और पता तक ठीक से नहीं बता पा रहे थे। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इन्हें बस स्टैंड या रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थलों से निशाना बनाकर यहां लाया गया था। Add text below Add image below06Quote Paragraph Heading Subheading Quoteमानसिक रूप से कमजोर बाहरी लोगों से जबरन बंधुआ मजदूरी कराई जा रही थी। मुक्त कराए गए मजदूरों से पूछताछ की जा रही है और जिनके यहां ये काम करते मिले हैं, उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी। - दीपक यादव, तहसीलदार Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसामाजिक कार्यकर्ता की छह महीने की मेहनत लाई रंग Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे प्रकरण का खुलासा गुना निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद भार्गव की सतर्कता से हुआ। उन्होंने बताया कि वे पूरे प्रदेश में इस तरह बंधुआ बनाए गए लोगों को मुक्ति दिलाने का कार्य करते हैं। लक्ष्मणपुरा गांव में इस प्रकार के अवैध कृत्यों की सूचना मिलने पर उन्होंने पिछले छह महीनों से खुफिया तौर पर जानकारियां जुटानी शुरू की थीं। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसामाजिक कार्यकर्ता के अनुसार उन्हें अपनी छानबीन में लगभग 35 लोगों को इस तरह बंधुआ बनाए जाने की आशंका मिली थी। फिलहाल प्रशासन ने शुरुआती सुराग के आधार पर चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है और इस अवैध धंधे में लिप्त अन्य लोगों की धरपकड़ व जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। Add text below Add image below