Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर हाईकोर्ट ने दतिया से कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि चुनावी हलफनामे में पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई गई थी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-b5cfeb7a
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली एक याचिका पर ग्वालियर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत ने विधायक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचुनावी हलफनामे में आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने का दावा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभाजपा नेता और अधिवक्ता दीपक बेलपत्री द्वारा यह याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि जुलाई 2026 में हुए उपचुनाव के दौरान दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे में घनश्याम सिंह ने अपने पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी नहीं दी। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयाचिकाकर्ता के अनुसार, साल 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद दतिया में हुए विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम के दौरान एक एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में करीब 22 लोगों के नाम शामिल थे, जिनमें घनश्याम सिंह का नाम भी होने का दावा किया गया है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवर्ष 2020 के मामले का भी किया गया है उल्लेख Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदायर याचिका में केवल 1991 के मामलों का ही नहीं, बल्कि साल 2020 में दर्ज एक अन्य आपराधिक मामले का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि इस प्रकरण की जानकारी भी 2023 के विधानसभा चुनाव के समय दिए गए शपथ पत्र में नहीं दी गई थी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहालांकि, उपचुनाव के दौरान विधायक ने अपने शपथ पत्र में दो अन्य लंबित आपराधिक मामलों का जिक्र किया था। अब मुख्य विवाद इस बात पर है कि जिन मामलों को छिपाने का आरोप लगाया गया है, उनका उल्लेख हलफनामे में करना कानूनी रूप से अनिवार्य था या नहीं। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजबलपुर से ग्वालियर ट्रांसफर हुई थी याचिका Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा मामला पहले जबलपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन था, जिसे बाद में प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ग्वालियर हाईकोर्ट की बेंच में ट्रांसफर कर दिया गया। जस्टिस अमित सेठ की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह को नोटिस जारी किया है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरतलब है कि घनश्याम सिंह ने उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष को 6,016 मतों के अंतर से पराजित कर यह सीट जीती थी। अदालत द्वारा नोटिस जारी किए जाने का यह अर्थ नहीं है कि आरोपों की पुष्टि हो गई है, और इस मामले में अंतिम निर्णय दस्तावेजों तथा दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर ही होगा। Add text below Add image below