Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया जिले के इंदरगढ़ थाने में एक अजीब मामला सामने आया है, जहां न्यायालय के सुपुर्दगी आदेश के बाद भी जब्त वैन मालिक को नहीं सौंपी गई। वाहन मालिक का आरोप है कि पुलिस ने उसकी गाड़ी कबाड़ में बेच दी और राजीनामा न करने पर फर्जी मुकदमे की धमकी दी जा रही है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-a6e596e8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत के आदेश के बाद भी नहीं मिला वाहन Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया जिले के इंदरगढ़ थाने की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां एक जब्तशुदा मारुति वैन को अदालत के स्पष्ट सुपुर्दगी आदेश के बावजूद वाहन मालिक को नहीं सौंपा गया है। पीड़ित वाहन मालिक जितेंद्र तिवारी का दावा है कि जब वह न्यायिक आदेश लेकर थाने पहुंचा, तो उसे गाड़ी गायब होने की बात कहकर टरका दिया गया। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्या है पूरा मामला और जब्त गाड़ी का इतिहास Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवार्ड नंबर 8 इंदरगढ़ निवासी जितेंद्र तिवारी, पुत्र अशोक तिवारी के अनुसार, वर्ष 2022-23 के दौरान जौरनियां के पास अवैध शराब के परिवहन के मामले में पुलिस ने उनकी मारुति वैन (क्रमांक MP 07 T 1460) को अपने कब्जे में लिया था। यह मामला अदालत में विचाराधीन है और इस प्रकरण में आरोपी ड्राइवर को पहले ही जमानत मिल चुकी है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामલા आगे बढ़ने पर सेवढ़ा की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आरती रतोनिया ने गत 10 सितंबर को थाना प्रभारी को वाहन मालिक के पक्ष में सुपुर्दगी देने के निर्देश जारी किए थे। आदेश मिलने के अगले दिन यानी 11 सितंबर को जब जितेंद्र थाने पहुंचे, तो वहां तैनात प्रधान आरक्षक पुष्पराज सिंह ने उन्हें बताया कि उनकी गाड़ी गलती से कबाड़ में कट चुकी है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकबाड़ी का दावा और मालिक पर दबाव के आरोप Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मामले में स्थानीय स्तर पर एक कबाड़ी का बयान भी सामने आया है। सेवढ़ा रोड पर स्थित एक कबाड़ी ने जानकारी दी कि करीब तीन-चार महीने पहले इंदरगढ़ थाने से एक मारुति वैन 25 हजार रुपए में उसके पास आई थी। उसने बताया कि उस गाड़ी पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी और उसे काटकर कबाड़ के रूप में बेच दिया गया है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपीड़ित जितेंद्र का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे राजीनामा कर मामले को रफा-दफा करने और इसके बदले पैसे लेने का दबाव बनाया। जब उसने वाहन वापस लेने की जिद की और पैसे लेने से इनकार कर दिया, तो उसके खिलाफ कथित तौर पर एससी/एसटी एक्ट और मारपीट का मामला दर्ज कर दिया गया। उसका यह भी कहना है कि शिकायत करने पर उसे और गंभीर मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस प्रशासन ने दिए जांच के आदेश Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवाहन मालिक के इन गंभीर आरोपों के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एएसपी मंजीत सिंह चावला ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एसपी द्वारा पूरे मामले की जांच बड़ौनी के एसडीओपी विनायक शुक्ला को सौंप दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below