Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया के सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसरों की बिना अनुमति विदेश यात्रा का मामला सामने आया है। एक प्रोफेसर ने आरटीआई के जरिए मिले दस्तावेजों के आधार पर अन्य डॉक्टरों पर भी कार्रवाई की मांग की है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-a6c59476
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी सदस्यों के विदेश दौरों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार कॉलेज के छह प्रोफेसरों द्वारा विदेश यात्राएं किए जाने की बात सामने आई है। इस खुलासे के बाद से स्थानीय चिकित्सा हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआरटीआई से सामने आए 148 पन्नों के दस्तावेज Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस मामले का खुलासा सूचना के अधिकार यानी आरटीआई के तहत निकाली गई 148 पन्नों की जानकारी से हुआ है। रिकॉर्ड के विश्लेषण से पता चलता है कि कॉलेज के छह प्रोफेसरों ने विदेश यात्राएं की हैं, लेकिन इन दौरों के लिए सक्षम प्राधिकारी की तरफ से दी गई अनुमति या मंजूरी का कोई पत्र रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकार्रवाई में भेदभाव का लगाया गया आरोप Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविवाद की शुरुआत तब हुई जब मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हेमंत कुमार जैन की विदेश यात्रा के मामले में प्रशासन ने जांच शुरू की। डॉ. जैन ने इस मामले में कॉलेज के अधिष्ठाता (डीन) और मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एक आधिकारिक आवेदन सौंपा है। उनकी इस शिकायत की प्रति कमिश्नर, चिकित्सा शिक्षा विभाग भोपाल और स्वशासी समिति के अध्यक्ष को भी भेजी गई है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडॉ. जैन ने अपने आवेदन में प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियम सभी शासकीय कर्मचारियों पर एक समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके अपने मामले में प्रशासन द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में उन्होंने पूरा सहयोग किया था, लेकिन जब उन्होंने अन्य संकाय सदस्यों की विदेश यात्राओं का रिकॉर्ड खंगाला तो स्थितियां अलग पाई गईं। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसरकारी कर्मचारियों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार विदेश यात्रा पर जाने से पहले विभागीय अनुमति लेना अनिवार्य होता है। बिना अनुमति के विदेश जाने पर नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायतकर्ता प्रोफेसर का तर्क है कि यदि उनके मामले में जांच की गई है और कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई गई है, तो समान परिस्थितियों वाले अन्य डॉक्टरों के विदेश दौरों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस प्रकरण में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए सभी संबंधित मामलों की नए सिरे से जांच कराने की पुरजोर मांग की है। Add text below Add image below