Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया में सावन तीज के पावन पर्व पर मंदिरों और घरों में भव्य झूला उत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान श्री बिहारी जी मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-a1061a2b
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंचल के दतिया जिले में सावन तीज का पर्व शनिवार को पूरे उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों के साथ-साथ श्रद्धालुओं ने अपने घरों में भी भगवान के लिए मनमोहक झूले सजाए और आराध्य को झूला झुलाया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteश्री बिहारी जी मंदिर में सजा विशेष झूला Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशहर के प्रसिद्ध श्री बिहारी जी मंदिर में परंपरा के अनुसार खास आयोजन किया गया। यहां हर साल की भांति इस बार भी अशोक, कनेर, आम, जामुन और खिन्नी के पत्तों का उपयोग कर आकर्षक झूला तैयार किया गया था। उत्सव के दौरान भगवान बिहारी जी अपने गर्भगृह से बाहर आकर इस सुंदर झूले में प्रिया जी (राधा रानी) के साथ विराजमान हुए। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवर्ष में छह बार होते हैं विशेष श्वेत वस्त्रों में दर्शन Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमंदिर के महंत पंडित नमन गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि सावन तीज के पावन अवसर पर शयन आरती के वक्त भगवान बिहारी जी धोती-लंगोटी के रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। उन्होंने बताया कि सफेद वस्त्रों में भगवान के यह विशिष्ट दर्शन सालभर में केवल छह मौकों पर ही प्राप्त होते हैं, जिनमें सावन तीज, सावन ग्यारस, सावन पूर्णिमा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, शरद पूर्णिमा और गोपाष्टमी शामिल हैं। साल के बाकी दिनों में बिहारी जी राजश्री पोशाक में ही भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteलाला के ताल पर लगा पारंपरिक मेला Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसावन तीज के पावन पर्व पर लाला के ताल समेत स्थानीय विभिन्न मंदिरों में कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। हर वर्ष की भांति इस बार भी लाला के ताल पर भव्य मेला आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेककर पूजा-अर्चना की। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमेला परिसर में पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिताओं के अलावा अन्य कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। मेले में बच्चों और बड़ों के लिए झूलों, खान-पान की स्टालों और मनोरंजन के पुख्ता इंतजाम रहे। सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। Add text below Add image below