Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया जिले में नौ घंटे के भीतर करीब 45 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इस मानसूनी बौछार से उमस भरी गर्मी से निजात मिली है और धान समेत कई फसलों को बड़ा फायदा पहुंचा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-97ccd04f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंचल में रविवार दोपहर के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया और बादलों ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पानी बरसाना शुरू कर दिया। दिनभर कभी तेज तो कभी रिमझिम फुहारों का दौर चलता रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में ठंडक घुल गई। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक कुल 44.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतापमान में गिरावट और उमस से मिली राहत Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मानसूनी गतिविधि के चलते तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई। जिले का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। हवा में नमी का स्तर काफी अधिक रहा, जिसमें सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 92 प्रतिशत और शाम के वक्त बढ़कर 98 प्रतिशत तक पहुंच गई। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteलगातार हुई इस मानसूनी बारिश के कारण आमजन को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, रुक-रुक कर हुई वर्षा की वजह से शहर की सड़कों पर पानी भर गया और वाहनों की आवाजाही की गति धीमी पड़ गई, जिसका असर बाजार की रौनक पर भी देखने को मिला। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteधान और दलहनी फसलों के लिए वरदान बनी वर्षा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह पानी किसानों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. विश्वनाथ कंसाना ने जानकारी दी कि धान की रोपाई का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। ऐसे महत्वपूर्ण समय पर बरसे पानी से खेतों में नमी बनी रहेगी, जिससे धान की फसल को भरपूर लाभ मिलेगा क्योंकि इस फसल को अधिक पानी की आवश्यकता होती है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवैज्ञानिक ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मौसमी बरसात उड़द, मूंग और मूंगफली जैसी अन्य खरीफ फसलों के लिए भी काफी गुणकारी है। इन फसलों को भी इस अवस्था में नमी की जरूरत होती है। बारिश होने से किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए बिजली के पंप नहीं चलाने पड़ेंगे, जिससे उनके खर्च और बिजली दोनों की बचत होगी। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतिल की फसल को लेकर किसानों के लिए चेतावनी Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteखेत में पानी भरने से फसल को नुकसान हो सकता है। जलभराव होने पर तिली के उत्पादन में 10% तक कमी आ सकती है। इसलिए ऐसे खेतों से पानी की निकासी जरूरी है। - डॉ. विश्वनाथ कंसाना, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसानों को तिल की खेती को लेकर खास सतर्कता बरतनी होगी। यदि खेतों में अधिक पानी जमा होता है, तो फसल को हानि उठानी पड़ सकती है और पैदावार में दस फीसदी तक की गिरावट आ सकती है। इसलिए जिन खेतों में पानी भर रहा है, वहां से तुरंत जल निकासी का इंतजाम करना चाहिए। Add text below Add image below