Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया जिले के भाण्डेर में लगभग दो साल पहले हुए भगवान सिंह यादव हत्याकांड में जिला अदालत ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने तीन आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-897cd104
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया जिले के भाण्डेर में लगभग दो साल पहले हुए भगवान सिंह यादव हत्याकांड में जिला अदालत ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने इस मामले के तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteघटना का विस्तृत विवरण Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 10 मई 2024 की सुबह घटी थी, जब मृतक भगवान सिंह यादव चिरगांव चुंगी स्थित आशीष रजक की आटा चक्की पर आटा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान आशीष रजक, अशोक रजक उर्फ बृजवंशी रजक और अरविंद उर्फ अर्रु रजक नामक तीनों भाइयों से उनका किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने भगवान सिंह पर हमला कर दिया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआरोप है कि अशोक और अरविंद ने लकड़ी के डंडों से भगवान सिंह के साथ मारपीट की, जबकि मुख्य आरोपी आशीष ने चक्की पर रखा लगभग 20 किलोग्राम वजनी लोहे का बांट उठाकर उनके सिर पर दे मारा। इस गंभीर चोट के कारण भगवान सिंह को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना के बाद मृतक के भाई दिनेश कुमार यादव ने भाण्डेर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के उपरांत, पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया था। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत का फैसला और तर्क Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामले की सुनवाई के दौरान, अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर गौर किया। अतिरिक्त लोक अभियोजक मुकेश गुप्ता ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की। सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर, अदालत ने तीनों भाइयों आशीष रजक, अशोक रजक उर्फ बृजवंशी रजक और अरविंद उर्फ अर्रु रजक, जो काजीपाठा मोहल्ला, भाण्डेर के निवासी हैं, को हत्या का दोषी पाया। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने अपने निर्णय में कहा कि दिनदहाड़े की गई यह हत्या एक गंभीर प्रकृति का अपराध है, जिसने क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर दिया था। इसलिए, आरोपियों को कठोरतम दंड दिया जाना न्यायोचित है। इसी आधार पर तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। Add text below Add image below