Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया के पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर में बनी डामर की सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। इस परिसर में एसपी कार्यालय समेत नौ प्रमुख विभाग संचालित होते हैं, जहां रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-77ffa3fd
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीण पगडंडियों से भी बदतर हुई सड़क की हालत Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया की पुरानी कलेक्ट्रेट के भीतर बनी डामर की सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। सड़क की मौजूदा स्थिति किसी ग्रामीण इलाके के कच्चे रास्तों और खेतों की पगडंडियों से भी ज्यादा खराब हो चुकी है। स्थिति यह है कि इस मुख्य मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिनमें पानी भरा रहता है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं नौ अहम दफ्तर Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह बदहाल स्थिति तब है जबकि इस पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर एक-दो नहीं बल्कि कुल नौ सरकारी कार्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय से लेकर जिला पंचायत कार्यालय तक शामिल हैं। अपने जरूरी कामों के सिलसिले में रोजाना सैकड़ों अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक इसी परिसर से होकर गुजरते हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quote1985 में हुआ था इस ऐतिहासिक भवन का निर्माण Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुरानी कचहरी के रूप में मशहूर इस कलेक्ट्रेट परिसर का निर्माण कार्य वर्ष 1985 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के कार्यकाल के दौरान कराया गया था। मोटी दीवारों वाली इस दो मंजिला इमारत में एक दशक पहले तक जिला न्यायालय और जिले के तमाम बड़े विभाग संचालित हुआ करते थे। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवर्ष 2018 में ग्वालियर-झांसी हाईवे पर नए कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण के बाद कलेक्टर कार्यालय वहां स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके साथ ही एसडीएम, तहसीलदार और एसएलआर कार्यालय भी नए भवन में चले गए, जबकि पुराने कचहरी भवन में एसपी कार्यालय को स्थापित कर दिया गया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविभिन्न विभागों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग प्रभावित Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवर्तमान में पुराने एसपी कार्यालय के पास एएसपी कार्यालय और ऊपरी मंजिल पर महिला एवं बाल विकास शहरी परियोजना का दफ्तर काम कर रहा है। इसके अलावा परिसर के पिछले हिस्से में जिला पंचायत, रजिस्ट्रार कार्यालय, जनपद पंचायत, आरईएस और सामाजिक न्याय विभाग संचालित हो रहे हैं। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसपी कार्यालय के ठीक बगल से गुजरने वाली डामर की यही सड़क जिला पंचायत, सामाजिक न्याय विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) और अन्य दफ्तरों को आपस में जोड़ती है। देखरेख के अभाव में यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है। Add text below Add image below