Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया जिले की साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक में सोमवार को बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया। फार्मर आईडी बनाने के काम में देरी को लेकर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े और ग्रामीण तहसीलदार अमित दुबे के बीच तीखी बहस हो गई, जिसके बाद तहसीलदार को बैठक छोड़कर बाहर जाना पड़ा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-3b857a3c
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया जिला मुख्यालय पर सोमवार को आयोजित टीएल (समय-सीमा) बैठक का माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर और एक प्रमुख मैदानी अधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बैठक में मुख्य रूप से किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की जा रही थी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफार्मर आईडी की धीमी प्रगति पर भड़के कलेक्टर Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसमीक्षा बैठक के दौरान जब कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े की नजर दतिया ग्रामीण तहसील के आंकड़ों पर पड़ी, तो वहां फार्मर आईडी का काम भारी मात्रा में पेंडिंग मिला। कलेक्टर ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य में तत्काल तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईडी न बनने की स्थिति में अन्नदाताओं को खाद की उपलब्धता और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतहसीलदार ने दिया नियमों का हवाला Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपेंडेंसी पर सवाल उठाए जाने के बाद दतिया ग्रामीण तहसीलदार अमित दुबे ने अपनी बात रखी। बैठक में मौजूद प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, तहसीलदार ने कहा कि वे क्षेत्र के सभी किसानों को व्यक्तिगत रूप से नहीं पहचानते हैं, इसलिए प्रत्येक किसान की पूरी जांच-पड़ताल करने के बाद ही फार्मर आईडी तैयार की जा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि इस प्रक्रिया में तय समय और सावधानी की आवश्यकता होती है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतहसीलदार द्वारा काम को अपने तरीके से और नियमबद्ध तरीके से करने की बात कहने पर दोनों के बीच बहस का दायरा बढ़ता चला गया। स्थिति तब और अधिक गंभीर हो गई जब बात बढ़ने पर कलेक्टर ने तल्ख लहजे में यहां तक कह दिया कि जिन्हें जिम्मेदारी से काम नहीं करना है, उनकी आवश्यकता नहीं है। इस पर तहसीलदार ने भी दो टूक जवाब देते हुए कहा कि वे सरकारी सेवा में हैं और हर कार्य नियमानुसार ही पूरा किया जाएगा। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबैठक से बाहर जाने के निर्देश के बाद उठे तहसीलदार Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतनातनी इतनी बढ़ गई कि कलेक्टर ने तहसीलदार अमित दुबे को तत्काल बैठक कक्ष से बाहर जाने के लिए कह दिया। आदेश मिलते ही तहसीलदार ने अपना माइक म्यूट किया और मीटिंग हॉल से बाहर निकल गए। वहां मौजूद अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी इस अचानक घटी घटना से हैरान रह गए और कुछ देर के लिए सन्नाटा पसर गया। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहालांकि इस हंगामे के बाद प्रशासनिक बैठक तो आगे जारी रखी गई, लेकिन गलियारों और अधिकारियों के बीच दिनभर यही वाकया चर्चा का मुख्य केंद्र बना रहा। उल्लेखनीय है कि तहसीलदार अमित दुबे को कुछ समय पूर्व ही दतिया ग्रामीण तहसील का प्रभार सौंपा गया था, और कार्यभार संभालने के बाद से ही राजस्व एवं मैदानी अमले के कामकाज की मॉनिटरिंग की जा रही थी। Add text below Add image below