Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया जिले में अब भारी बारिश की संभावना लगभग समाप्त हो चुकी है और मौसम विभाग ने मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने की पुष्टि की है। हालांकि नमी के बने रहने से इस महीने के अंत तक हल्की बूंदाबांदी और छिटपुट बौछारें पड़ने का अनुमान है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-38307ee2
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंचल में अब झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर थमने की कगार पर पहुंच गया है। मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, राजस्थान की तरफ से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके चलते सप्ताहांत के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से इसके लौटने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteट्रफ लाइन गायब होने से थमी मानसूनी गतिविधियां Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमौसम विज्ञानियों का कहना है कि मानसूनी गतिविधियों की रीढ़ मानी जाने वाली ट्रफ लाइन यानी मानसून द्रोणिका इस समय पूरी तरह से गायब हो चुकी है। इस रेखा के समाप्त होने के कारण अब प्रदेश में भारी बारिश कराने वाले प्रभावी और मजबूत मौसमी सिस्टम लंबे समय तक सक्रिय नहीं रह पा रहे हैं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. गुरुदत्त मिश्रा ने स्पष्ट किया कि द्रोणिका वह काल्पनिक रेखा होती है जो मानसूनी हवाओं की दिशा और क्षेत्र तय करती है। इसके निष्क्रिय होने से बड़े सिस्टम कमजोर पड़ जाते हैं, हालांकि इसका आशय यह नहीं है कि वर्षा बिल्कुल बंद हो जाएगी। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतापमान में गिरावट और हल्की ठंडक का अहसास Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभारी बारिश का दौर भले ही थम गया हो, लेकिन वायुमंडल में नमी बनी रहने के कारण आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही अभी भी जारी है। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो शहर का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी तरह न्यूनतम तापमान भी नीचे गिरकर 23.9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जो कि सामान्य से 0.8 डिग्री सेल्सियस कम है। रात के तापमान में आई इस मामूली गिरावट की वजह से अब मौसम में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआगे कैसा रहेगा दतिया और आसपास का मौसम Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवर्तमान में बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, साथ ही ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती हवाओं का घेरा भी सक्रिय है। इन स्थानीय कारकों और नमी के प्रभाव से आने वाले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी का सिलसिला बना रह सकता है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमौसम विभाग का अनुमान है कि इस महीने के अंतिम सप्ताह तक मानसून राजस्थान के रास्ते मध्य प्रदेश से भी पूरी तरह विदा हो जाएगा। फिलहाल ग्वालियर-चंबल अंचल में किसी भी बड़े पैमाने पर मूसलाधार बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। Add text below Add image below