Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया में नवनियुक्त भाजपा जिलाध्यक्ष माधवेंद्र सिंह परिहार के स्वागत समारोह के दौरान पार्टी के भीतर जारी खींचतान खुलकर सामने आ गई। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और आशुतोष तिवारी के समर्थक अलग-अलग गुटों में बंटे नजर आए।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-379ca262
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशहर में लगे अलग-अलग होर्डिंग्स और बैनर Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया में भाजपा के नए जिलाध्यक्ष के रूप में माधवेंद्र सिंह परिहार की ताजपोशी के बाद उनके स्वागत के लिए शहर भर में व्यापक तैयारियां की गई थीं। परिहार के भोपाल से झांसी होते हुए सड़क मार्ग से दतिया पहुंचने पर शहर के प्रमुख मार्गों पर कई होर्डिंग्स और बैनर लगाए गए थे। रेलवे स्टेशन से लेकर राजगढ़ चौराहे तक स्वागत के लिए कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाई गई थी। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरेलवे स्टेशन पर बंटे नजर आए कार्यकर्ताओं के दल Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनया जिलाध्यक्ष जब दतिया पहुंचा, तो उनके स्वागत के लिए पार्टी के अलग-अलग धड़ों से जुड़े कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। स्वागत सत्कार की औपचारिकता के बाद एक गुट नवनियुक्त जिलाध्यक्ष माधवेंद्र सिंह परिहार को अपने साथ ले गया। वहीं, दूसरी ओर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थक स्टेशन पर ही मौजूद रहे क्योंकि मिश्रा पंजाब मेल ट्रेन से दतिया पहुंचे थे। यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब 1 घंटा 15 मिनट की देरी से शाम 4:15 बजे स्टेशन पर आई, जिसके बाद वे अपने समर्थकों के काफिले के साथ आगे के लिए रवाना हुए। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteराजगढ़ चौराहे पर आमने-सामने आए काफिले Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदौराननरोत्तम मिश्रा और नए जिलाध्यक्ष माधवेंद्र सिंह परिहार के काफिले राजगढ़ चौराहे पर एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। इस मौके पर आशुतोष तिवारी भी नरोत्तम मिश्रा के काफिले के आसपास ही मौजूद दिखाई दिए। कुछ देर की स्थिति के बाद दोनों काफिले अलग-अलग दिशाओं में आगे बढ़ गए। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान दोनों पक्षों के नेताओं के बीच किसी तरह की औपचारिक बातचीत या संयुक्त स्वागत का कोई स्पष्ट नजारा देखने को नहीं मिला। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविधानसभा उपचुनाव के बाद से गहराए हैं मतभेद Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय भाजपा संगठन के भीतर चल रही इस धड़ल्ले और मतभेद की चर्चाओं की शुरुआत हालिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान हुई थी। पार्टी ने 10 जुलाई को नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर आशुतोष तिवारी को दतिया से चुनावी मैदान में उतारा था। इस फैसले के तुरंत बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने टिकट वितरण का विरोध किया था और उस दौरान तत्कालीन जिलाध्यक्ष समेत कई प्रमुख पदाधिकारियों के इस्तीफे देने की खबरें भी सामने आई थीं। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउपचुनाव के अंतर्गत 30 जुलाई को मतदान संपन्न हुआ था और 3 अगस्त को नतीजे घोषित किए गए थे, जिसमें आशुतोष तिवारी को हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी के भीतर कथित भीतरघात को लेकर भी जमकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला था। इसके बाद सांगतिक फेरबदल के तहत 22 सितंबर को माधवेंद्र सिंह परिहार को दतिया का नया जिलाध्यक्ष घोषित किया गया। स्वागत समारोह के दौरान स्थानीय नेताओं और उनके समर्थकों की यह अलग-अलग मौजूदगी अब राजनीतिक गलियारों में खास चर्चा का विषय बन गई है। Add text below Add image below