Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया में महज डेढ़ घंटे की तेज बारिश से पूरा शहर पानी-पानी हो गया, जिससे सड़कें नदियां बन गईं और निचली बस्तियों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हालांकि, इस मानसूनी बौछार से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत भी मिली है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-332fa98d
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया शहर में शुक्रवार को मात्र डेढ़ घंटे के भीतर हुई तेज बारिश ने प्रशासन की मानसून तैयारियों की पोल खोल दी। इस संक्षिप्त अवधि में लगभग डेढ़ इंच यानी 33 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते शहर के कई हिस्से पूरी तरह जलमग्न हो गए। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमुख्य बाजार और किला चौक बने तालाब Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअचानक हुई इस भारी मानसूनी बौछार से शहर के प्रमुख चौराहे और व्यापारिक केंद्र पानी में डूब गए। ऐतिहासिक किला चौक पर जलभराव की स्थिति सबसे गंभीर नजर आई, जहां सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। इस वजह से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ और कई दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए, जिन्हें चालकों को धक्का देकर निकालना पड़ा। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रमुख व्यापारिक क्षेत्र बड़े बाजार में भी पानी भर जाने से दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ गईं। नालियों का गंदा पानी दुकानों के चबूतरों तक पहुंच गया, जिससे व्यापारियों में सामान के भीगने का डर बना रहा। स्थानीय लोगों और दुकानदारों का आरोप है कि हर साल बारिश के मौसम में उन्हें इस समस्या का सामना करना पड़ता है, लेकिन जल निकासी के स्थायी इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनाले उफान पर आने से निचले इलाकों में घुसा पानी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशहर के मुख्य निकासी मार्गों जैसे दांतरे की नरिया, पंडा की नरिया और रिछरा फाटक के पास नाले उफान पर आ गए। नालों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण बारिश का अतिरिक्त पानी रास्तों पर फैल गया। निचली बस्तियों में हालात यह हो गए कि लोगों के घरों और आंगनों तक पानी घुस गया, जिससे स्थानीय रहवासियों को खुद ही बाल्टियों से पानी बाहर निकालना पड़ा। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगर्मी और उमस से मिली बड़ी राहत Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजलभराव और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के बीच इस झमाझम बारिश ने पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से जरूर राहत दिलाई। तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, सड़कों पर भरे पानी और जल निकासी के अभाव ने इस राहत को काफी हद तक फीका कर दिया। Add text below Add image below