Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसेंवढ़ा में दो करोड़ नौ लाख रुपए की लागत से तैयार बायपास मार्ग महज छह-सात महीने के भीतर ही जगह-जगह से धंस गया है। सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और गड्ढे बनने से वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-1e788e67
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसेंवढ़ा बायपास की सूरत संवारने के लिए किए गए करोड़ों रुपए के कार्यों की पोल महज कुछ ही महीनों में खुल गई है। करीब दो करोड़ नौ लाख रुपए की लागत से बायपास के 2.60 किलोमीटर हिस्से का विशेष मरम्मत और बीटी रिन्यूअल कार्य कराया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह निर्माण कार्य इसी साल जनवरी तक पूरा हुआ था, लेकिन इतने कम समय में ही सड़क की स्थिति जर्जर होने लगी है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगुणवत्ता पर उठ रहे गंभीर सवाल Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमरम्मत कार्य पूरा होने के चंद महीनों बाद ही सड़क की ऊपरी परत उखड़ने लगी है और कई जगहों पर सड़क नीचे धंस गई है। स्थिति यह है कि वाहन चालकों को समतल सड़क के बजाय ऊबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए इन गड्ढों और धंसे हुए हिस्सों से निकलना खतरनाक साबित हो रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रमुख स्थानों पर खराब हुई सड़क Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबायपास पर स्थित नए एसडीएम कार्यालय के सामने सड़क की हालत खासी खराब है, हालांकि अभी इस कार्यालय का उद्घाटन भी नहीं हुआ है। इसके अलावा नवीन 33 केवी बिजली सब स्टेशन के टावर के सामने और सायनी मोहल्ले की तरफ जाने वाले मार्ग पर भी सड़क काफी नीचे धंस चुकी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यहां से गुजरते समय वाहनों का संतुलन बिगड़ना आम बात हो गई है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसुरक्षा इंतजामों का अभाव और जनता की मांग Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबायपास के दोनों सिरों पर बने घुमाव दुर्घटनाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं। वाहन चालकों की गति नियंत्रित करने के लिए यहां स्पीड ब्रेकर या रबर स्टैंपिंग लगाए जाने की मांग की गई थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई है। साथ ही प्रवेश और निकासी द्वारों पर रिफ्लेक्टर व पर्याप्त सुरक्षा संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की गई थीं, जिन्हें भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सुल्तान खां द्वारा प्रशासन व शासन स्तर पर भी उठाया गया था। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quote65 किलोमीटर मार्ग पर भी करोड़ों खर्च के बाद हाल बेहाल Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसेंवढ़ा बायपास के अलावा दतिया-सेंवढ़ा मार्ग के करीब 65 किलोमीटर हिस्से पर भी तीन करोड़ सत्तर लाख रुपए से अधिक खर्च कर मेंटेनेंस कराया गया था। इसमें 15 किलोमीटर जर्जर सड़क का रिन्यूअल हुआ था, लेकिन इसके बावजूद कई जगह गड्ढे और कटाव नजर आ रहे हैं। सड़क के किनारे मिट्टी खोदकर भराव किए जाने से दोनों तरफ गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे बारिश के दिनों में सड़क सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। Add text below Add image below