Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया में मौसमी बदलाव के साथ पहुंचे नए म्यूटेटेड वायरल संक्रमण ने डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। आम दवाइयां बेअसर होने पर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर भारी खुराक के इंजेक्शन दिए जा रहे हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-13d44109
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंचल के जिला मुख्यालय दतिया में इस बार मौसम में आया बदलाव अपने साथ एक खतरनाक और नए म्यूटेशन वाले वायरल संक्रमण को लेकर आया है। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल से लेकर मेडिकल कॉलेज तक की ओपीडी और आईसीयू में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है, और आम बुखार में दी जाने वाली पैरासीटामोल जैसी दवाएं इस नए वायरस के आगे पूरी तरह बेअसर साबित हो रही हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक साथ तीन मोर्चों पर हमला कर रहा यह नया वायरल Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचिकित्सकीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण अब किसी सामान्य मौसमी बुखार की श्रेणी में नहीं आता है। यह शरीर पर एक साथ तीन गंभीर मोर्चों पर प्रहार कर रहा है, जिससे मरीजों की हालत तेजी से बिगड़ रही है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंक्रमण के कारण मरीजों के फेफड़ों में निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं। ओपीडी में आने वाले लोग सांस फूलने और सीने तथा पसलियों में दर्द की गंभीर शिकायत कर रहे हैं, जिनकी जांच में निमोनिया के पैच स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अलावा, शरीर के भीतर पहुंचते ही यह वायरस रक्त की संरचना को प्रभावित कर रहा है। यह श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) के संतुलन को बिगाड़ने के साथ-साथ प्लेटलेट्स की संख्या में भी भारी गिरावट दर्ज करा रहा है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदवाएं फेल, मरीजों को चढ़ाई जा रही ड्रिप Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबीमारी की उग्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुंह से ली जाने वाली एंटीबायोटिक और सामान्य बुखार की गोलियां इस पर कोई असर नहीं दिखा पा रही हैं। मजबूरन डॉक्टरों को मरीजों को सीधे ड्रिप और हाई-डोज़ इंजेक्शन के सहारे रखना पड़ रहा है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, बीते कुछ दिनों में हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे हैं। अकेले मेडिसिन विभाग में प्रतिदिन एक हजार से अधिक लोग आ रहे हैं, जिनमें से अस्सी प्रतिशत से ज्यादा इसी नए और आक्रामक वायरल की गिरफ्त में हैं। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteस्वाइन फ्लू जैसे लक्षण और डॉक्टरों की चेतावनी Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचिकित्सकों का मानना है कि इन मरीजों में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू जैसे गंभीर लक्षण देखे जा रहे हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर एडवांस वायरल जीनोम टेस्टिंग की सुविधा न होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि यह कौन सा सटीक स्ट्रेन है। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविशेषज्ञ डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी व्यक्ति को सिरदर्द, पसलियों में जकड़न, सांस लेने में तकलीफ, लगातार खांसी या उल्टी जैसे संकेत मिलें, तो बिना देर किए चिकित्सकीय सलाह लें और लापरवाही बिल्कुल न बरतें। Add text below Add image below