Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया जिले के तगा गांव की राशन दुकान में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बायोमेट्रिक सत्यापन कर ऑनलाइन खाद्यान्न वितरण दिखाने के बावजूद हितग्राहियों को तीन महीने से अनाज नहीं मिला, जिससे 3.26 लाख रुपए का गबन साबित हुआ है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-46-dffc8770
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के दतिया जिले के तगा गांव स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर अनियमितता पकड़ी गई है। यहां के उपभोक्ताओं को कई महीनों से राशन नहीं मिलने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद खाद्य विभाग ने मामले की गहनता से जांच की। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर दिखाया गया फर्जी वितरण Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविभागीय जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि दुकान के विक्रेता ने 46 हितग्राहियों का बायोमेट्रिक सत्यापन तो करवा लिया, लेकिन उन्हें मई, जून और जुलाई 2026 का अनाज नहीं दिया गया। केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड पर ही खाद्यान्न का वितरण दर्शाया जाता रहा। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहजारों किलो अनाज और नमक का हुआ गबन Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteई-पॉस पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, जून और जुलाई 2026 के दौरान कुल 8462 किलो गेहूं, 2098 किलो चावल और 496 किलो नमक का वितरण कागजों में दर्ज किया गया था। जब भौतिक सत्यापन किया गया तो यह स्पष्ट हो गया कि यह पूरी सामग्री पात्र उपभोक्ताओं तक कभी पहुंची ही नहीं। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteखाद्य विभाग ने इस अनधिकृत वितरण और गबन किए गए खाद्यान्न की कुल कीमत 3 लाख 26 हजार 720 रुपए आंकी है। राशन में गड़बड़ी उजागर होने के बाद प्रशासन ने पहले ही इस दुकान को निलंबित कर दिया था तथा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उनका जुड़ाव पास की दूसरी दुकान से कर दिया था। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविक्रेता द्वारा किए गए इस गबन की पुष्टि होने पर खाद्य विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। विभाग द्वारा जुटाए गए बयानों और ई-पॉस के डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचिरूला थाना पुलिस ने इस मामले में आरोपी विक्रेता नीरज पाल के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस धोखाधड़ी से जुड़े तमाम दस्तावेजों और अन्य संभावित संलिप्तताओं की गहराई से छानबीन कर रही है। Add text below Add image below