Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryवर्ष 2003 के बहुचर्चित दतिया गैंगवार और सामूहिक हत्याकांड के मुख्य आरोपी महेश यादव की ग्वालियर के जयारोग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। उसे इस सनसनीखेज मामले में न्यायालय द्वारा 11 बार उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-2003-ab960d9b
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया जिले के सबसे बड़े और बहुचर्चित गैंगवार तथा वर्ष 2003 के सामूहिक हत्याकांड के मुख्य आरोपी महेश यादव का निधन हो गया है। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात ग्वालियर के जयारोग अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। महेश यादव पिछले काफी समय से गंभीर बीमारियों के चलते अस्पताल में भर्ती था और उसका इलाज चल रहा था। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदिनदहाड़े राजगढ़ चौराहे पर हुई थी खूनी वारदात Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह खूनी संघर्ष 23 अप्रैल 2003 को दोपहर करीब डेढ़ बजे हुआ था। अदालत में पेशी के बाद लौट रहे सतेन्द्र सिंह बुंदेला उर्फ भैया राजा और उनके साथियों की जीप को राजगढ़ चौराहे पर रोककर हथियारबंद बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। कानूनी पैरवी से जुड़े जानकारों के अनुसार, हमलावरों ने वारदात को अंजाम देते हुए करीब 100 से 150 राउंड गोलियां चलाई थीं। इस भीषण गोलीबारी में सतेन्द्र सिंह बुंदेला, राधावल्लभ दांगी, मोजी तिवारी और धर्मेन्द्र तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने सुनाई थी 11 बार उम्रकैद की सजा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस बड़े हत्याकांड में पुलिस ने महेश यादव के अलावा वनमाली कुशवाह, अतर सिंह यादव, मुन्ना यादव, बरजोर सिंह यादव, मुकेश टांडोरिया, भूरे सिंह यादव, दौलत सिंह यादव और राकेश सिंह यादव को आरोपी बनाया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने महेश यादव समेत सात आरोपियों को हत्या और जानलेवा हमले का दोषी ठहराते हुए 11-11 बार आजीवन कारावास की सजा भुगतने का आदेश दिया था। इसके साथ ही साजिश रचने के आरोप में दौलत सिंह और राकेश सिंह को 10-10 साल की कैद और सभी दोषियों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया था। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteभाई की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई थी साजिश Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच और अदालत की कार्रवाई के दौरान यह बात सामने आई थी कि इस सामूहिक हत्याकांड की मुख्य वजह पुरानी रंजिश थी। घटना से करीब तीन साल पहले महेश यादव के छोटे भाई सुरेश यादव उर्फ रानी की हत्या कर दी गई थी। सुरेश पर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष बड़े रावत की हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप था। सुरेश की हत्या का शक सतेन्द्र सिंह बुंदेला उर्फ भैया राजा और उसके साथियों पर था। इसी रंजिश का बदला चुकाने के लिए 2003 में राजगढ़ चौराहे पर इस खूनी वारदात को अंजाम दिया गया था। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया के अपराध इतिहास में राजगढ़ चौराहे की यह घटना सबसे भयावह घटनाओं में शुमार है। इस कांड के बाद पूरे जिले में लंबे समय तक भारी दहशत का माहौल रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इस हत्याकांड के बाद महज तीन महीने के भीतर जिले में 31 हत्याएं दर्ज की गई थीं। इसके अलावा रंगदारी, फायरिंग, मारपीट और लूटपाट की घटनाओं में भी अचानक तेजी आई थी, जिसके चलते दतिया काफी समय तक प्रदेशभर में अपराध और गैंगवार का केंद्र बनकर चर्चा में रहा था। Add text below Add image below