Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया जिले के शंकरगढ़ गांव में समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण एक गर्भवती महिला को घर पर ही प्रसव झेलना पड़ा। परिजनों के मुताबिक, मदद के लिए घंटों फोन घुमाने के बावजूद गाड़ी अगले दिन सुबह पहुंची।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-108-44bf1e6f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया जिले के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था का एक और मामला सामने आया है। यहां के शंकरगढ़ गांव में नौ महीने की गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिल सकी, जिसके चलते उसका प्रसव घर पर ही कराना पड़ा। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशुक्रवार शाम से शुरू हुई थी प्रसव पीड़ा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्राप्त जानकारी के अनुसार शंकरगढ़ निवासी राजा आदिवासी की पत्नी सपना नौ माह की गर्भवती थीं। शुक्रवार की शाम को उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। स्थिति को गंभीर देखते हुए परिवारजनों ने तुरंत स्थानीय आशा कार्यकर्ता को इसकी सूचना दी और मदद के लिए बुलाया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरातभर इंतजार करते रहे परिजन, नहीं आई गाड़ी Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआशा कार्यकर्ता ने प्रसूता को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के वास्ते 108 एंबुलेंस सेवा को कई बार फोन किया। सीएचओ डॉ. नितिन कुमार के मुताबिक, शाम के समय लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन हर बार यही आश्वासन मिला कि गाड़ी थोड़ी देर में पहुंच रही है। पूरी रात बीत जाने के बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची और महिला प्रसव पीड़ा से जूझती रही। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसुबह आठ बजे घर पहुंची एंबुलेंस Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरातभर इंतजार के बाद शनिवार की सुबह महिला का प्रसव घर पर ही हो गया। इसके काफी देर बाद सुबह करीब आठ बजे 108 एंबुलेंस उनके घर पर पहुंची। घटना के बाद मौके पर पहुंचे सीएचओ डॉ. नितिन कुमार ने प्रसूता को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी, हालांकि परिजनों ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। Add text below Add image below