Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया के बड़ोनी में पुरानी रंजिश के चलते दो युवकों पर कट्टे से फायरिंग करने के मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-10-8d9e8e9c
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया जिले के बड़ोनी थाना क्षेत्र में पुरानी दुश्मनी के चलते दो युवकों पर कट्टे से गोली चलाने के चर्चित मामले में विशेष न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने मामले के दो मुख्य आरोपी धैर्य कौशिक और मधुर कौशिक को दोषी मानते हुए उन्हें 10-10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्या था पूरा मामला? Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअतिरिक्त लोक अभियोजक अरुण कुमार लिटौरिया ने बताया कि 14 अक्टूबर 2024 को फरियादी नितिन उर्फ लालू ने जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, वह अपने दोस्तों छोटू चौहान और नितेश चौहान के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर बड़ोनी की ओर जा रहा था। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी दौरान पार्वती वेयरहाउस के पास पीछे से बाइक पर आए धैर्य कौशिक, मधुर कौशिक और एक अन्य साथी अभिराज बुंदेला ने पुरानी रंजिश के चलते उन पर कट्टे से फायरिंग कर दी। इस हमले में छोटू चौहान और नितेश चौहान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस कार्रवाई और कोर्ट का फैसला Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 16 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, न्यायालय ने धैर्य कौशिक और मधुर कौशिक को इस मामले में दोषी पाया और उन्हें 10-10 साल की कैद की सजा सुनाई। वहीं, मामले का एक अन्य आरोपी अभिराज बुंदेला घटना के समय नाबालिग था, जिसके चलते उसका प्रकरण बाल न्यायालय में अलग से विचाराधीन है। Add text below Add image below