Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryडबरा की विजकपुर पंचायत के सहरिया आदिवासियों ने बुनियादी सुविधाओं के अभाव और पट्टे न मिलने पर प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। समस्याओं का समाधान न होने पर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/dabra-story-c7492f66
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविजकपुर के आदिवासियों ने खोला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडबरा विकासखंड की ग्राम पंचायत विजकपुर के सहरिया आदिवासी परिवारों ने बुनियादी जरूरतों और आवास पट्टों की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की है। इस सिलसिले में ग्रामीणों ने कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर डबरा एसडीएम को एक ज्ञापन प्रेषित किया है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteभगवान बिरसा मुंडा नगर में बसर कर रहे हैं 245 परिवार Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से स्थानीय लोगों ने जानकारी दी कि विजकपुर पंचायत क्षेत्र में 'भगवान बिरसा मुंडा नगर' बसाया गया है, जहां कुल 245 सहरिया आदिवासी और भूमिहीन गरीब परिवार निवास करते हैं। ये तमाम परिवार घास-फूस की छत और मिट्टी की दीवारों से बनी झुग्गियों में रहकर दैनिक मजदूरी के जरिए अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपानी, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का भारी संकट Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों ने अपनी प्रमुख समस्याओं को उजागर करते हुए बताया कि इस बस्ती में पेयजल के लिए एक भी हैंडपंप या नलकूप नहीं है, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में सिंध नदी का दूषित पानी पीना पड़ रहा है और बीमारियों की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा, बिजली कनेक्शन न होने के कारण पूरी बस्ती अंधेरे में रहती है, जिससे जहरीले जीवों और जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। आने-जाने के लिए पक्का मार्ग न होने से लोगों को जंगलों के रास्ते से गुजरना पड़ता है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन में मांग की गई है कि बस्ती में पेयजल हेतु हैंडपंप लगवाए जाएं, बिजली आपूर्ति के लिए 25 एचपी का ट्रांसफार्मर और पोल स्थापित किए जाएं, पक्की सड़क का निर्माण हो तथा भू-आबादी का सर्वे कराकर सभी पात्र परिवारों को जमीन के पट्टे दिए जाएं। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं किया, तो बस्ती के सभी 1200 सदस्य अपने परिवारों सहित डबरा तहसील और ग्वालियर कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर देंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस प्रतिनिधिमंडल और ज्ञापन सौंपने के दौरान महाराज सिंह राजोरिया, सूबेदार बिजौल, दीपक खरे, राजेंद्र जाटव विलौआ और जयप्रकाश शर्मा सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। Add text below Add image below