Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryडबरा में अस्सी करोड़ से अधिक के सीवर प्रोजेक्ट के तहत खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीमारों को अस्पताल ले जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/dabra-story-c4a20dd4
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअस्सी करोड़ के प्रोजेक्ट में ठेकेदार की मनमानी Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडबरा शहर में प्रथम चरण के तहत अस्सी करोड़ रुपए से अधिक की लागत से सीवर प्रोजेक्ट का कार्य किया जा रहा है। कायदों के अनुसार पाइपलाइन डालने के तुरंत बाद ठेकेदार एजेंसी के लिए सड़क की मरम्मत कर उसे वाहनों के चलने योग्य बनाना अनिवार्य होता है। परंतु, खुदाई के पंद्रह दिन बीत जाने के बाद भी सड़कों को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसड़कों पर पसरा मलबा और दलदल Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजलावर्धन योजना के दर्द से जूझ चुके शहरवासियों के लिए अब सीवर की खुदाई बड़ी मुसीबत बन गई है। खुदाई के बाद निकला मलबा और मिट्टी सड़कों पर ही बिखरी हुई है, जिससे थोड़ी सी नमी या बारिश होने पर पूरा इलाका दलदल में बदल जाता है। हालात इतने बदतर हैं कि लोगों के वाहन घरों के बाहर ही खड़े रह जाते हैं और आवागमन पूरी तरह बाधित है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरास्तों के इस प्रकार बदहाल होने के कारण आपातकालीन स्थितियों में और अधिक दिक्कतें आ रही हैं। बीमार व्यक्तियों को एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए परिजनों को उन्हें गोद में उठाकर मुख्य मार्ग तक लाना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए इन रास्तों से निकलना किसी खतरे से कम नहीं है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपूर्व में लग चुकी है सतरह लाख की पेनल्टी Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनियमों की अनदेखी करने पर नगर पालिका द्वारा पहले भी सख्त कदम उठाए जा चुके हैं। कार्य में लापरवाही बरतने के कारण मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा ठेकेदार पर सत्रह लाख रुपए से अधिक की भारी-भरकम पेनल्टी लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद ठेकेदार के रवैये में कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। Add text below Add image below