Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryकृषि विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए व्हाट्सएप आधारित नई उर्वरक बुकिंग सेवा शुरू की है। अब अन्नदाता घर बैठे ही मोबाइल के जरिए यूरिया और डीएपी का ई-टोकन प्राप्त कर सकेंगे।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/dabra-story-4ea2186f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखाद के लिए लंबी कतारों से मिलेगी मुक्ति Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडबरा और भितरवार क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रबी सीजन के दौरान खाद की किल्लत और वितरण केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों से परेशान होने वाले अन्नदाताओं को अब इन झंझटों से मुक्ति मिलने की उम्मीद है। कृषि विभाग की ओर से एक नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत अब किसान घर बैठे ही अपने मोबाइल फोन के जरिए व्हाट्सएप के माध्यम से उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइस प्रकार तय होगी व्हाट्सएप पर खाद की बुकिंग Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों को इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाने के लिए अपने मोबाइल में कृषि विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप बिजनेस नंबर 6269141000 पर 'Help' या 'Fertilizer' लिखकर मैसेज भेजना होगा। इसके बाद उन्हें अपना पंजीकृत आधार नंबर दर्ज करना होगा। आधार सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल पर एक ओटीपी प्राप्त होगा, जिसे दर्ज करने पर किसान की प्रोफाइल और जमीन का पूरा विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविवरण सामने आने के बाद किसान को अपने जिले का चयन करना होगा और पात्र भूमि का खसरा तथा बोई जाने वाली फसल की जानकारी भरनी होगी। इसके पश्चात उन्हें अपनी आवश्यकतानुसार खाद के प्रकार और उसकी मात्रा का चयन करना होगा। प्रक्रिया के अंतिम चरण में ब्लॉक, कंपनी, अधिकृत रिटेलर और खाद प्राप्त करने की तिथि का विकल्प चुनना होगा। स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित होने पर सिस्टम तुरंत क्यूआर कोड वाला ई-टोकन जारी कर देगा। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसाइबर ठगी से बचने के लिए बरती जाए विशेष सावधानी Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसेवानिवृत्त कृषि विस्तार अधिकारी पीएस राजपूत ने किसानों से अपील की है कि इस आधुनिक डिजिटल सेवा का उपयोग करते समय पूरी सतर्कता बरती जाए। ई-टोकन प्रक्रिया के दौरान अपना आधार नंबर और ओटीपी केवल विभाग के निर्धारित आधिकारिक व्हाट्सएप बिजनेस नंबर पर ही साझा करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल या गैर-आधिकारिक नंबर पर अपनी गोपनीय जानकारी बिल्कुल न दें। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था के शुरू होने से किसानों को बार-बार केंद्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और वे तय तारीख पर आसानी से अधिकृत रिटेलर से अपनी खाद प्राप्त कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और वितरण व्यवस्था में भी पारदर्शिता आएगी। Add text below Add image below