Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryडबरा जनपद पंचायत में 15वें वित्त आयोग के फंड वितरण को लेकर असंतोष गहरा गया है। उपाध्यक्ष समेत 10 निर्वाचित सदस्यों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/dabra-story-4dafc5cb
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर अंचल के डबरा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि के बंटवारे को लेकर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच ठन गई है। पंद्रहवें वित्त आयोग के फंड के कथित असमान वितरण से नाराज जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष सहित दस निर्वाचित सदस्यों ने मुखर विरोध दर्ज कराया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quote68 पंचायतों में से चुनिंदा क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का आरोप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनाराज सदस्यों का कहना है कि डबरा जनपद के अंतर्गत कुल 68 ग्राम पंचायतें आती हैं, लेकिन बजट आवंटन में सभी के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं हो रहा। उनका आरोप है कि देवगढ़ समेत कुछ खास पंचायतों को ही बार-बार प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे बाकी के ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजनप्रतिनिधियों का तर्क है कि उनके अपने क्षेत्रों में काम न होने के कारण उन्हें जनता के तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते सभी सदस्यों ने एकजुट होकर प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और मांग पूरी न होने पर बड़े कदम की चेतावनी दी है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीएम को सौंपा ज्ञापन, सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे घटनाक्रम के तहत जनपद उपाध्यक्ष वृंदावन बघेल के नेतृत्व में दस सदस्यों ने डबरा एसडीएम से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में रामेश्वर तिवारी, मेहताब सिंह गुर्जर, लाखन सिंह बोल, सावित्री परिहार, रामराजा गुर्जर, रेजना भदौरिया, रचना सैन, भारती गुर्जर और रानी आदिवासी शामिल रहे। सदस्यों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस भेदभाव को समाप्त कर समाधान नहीं निकाला गया, तो वे अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन का पक्ष और आगे की कार्रवाई Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजनपदों के सदस्यों द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। डबरा एसडीएम ने जनप्रतिनिधियों का आवेदन स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया है कि यह विशेष मामला उनके सीधे अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आता है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीएम ने आश्वासन दिया है कि इस ज्ञापन को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), कलेक्टर और अन्य संबंधित उच्च अधिकारियों तक अग्रेषित किया जाएगा ताकि उचित स्तर पर निर्णय लिया जा सके। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, जनपद पंचायत की सीईओ उषा शर्मा ने इन तमाम आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि क्षेत्र की सभी पंचायतों में नियमानुसार समान रूप से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन सदस्यों को शिकायत है, उनसे चर्चा कर पूरी स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी। Add text below Add image below