Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryजल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने के लिए भिंड के रहने वाले पूर्व प्रशासनिक अधिकारी राजीव शर्मा को दिल्ली में सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई जिलों में तालाबों के गहरीकरण और भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-fa354b37
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले से ताल्लुक रखने वाले और शहडोल संभाग के पूर्व कमिश्नर राजीव शर्मा को जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में ‘जल प्रहरी सम्मान’ से नवाजा गया है। यह कार्यक्रम विश्व युवक केंद्र परिसर में आयोजित किया गया था। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकई दिग्गज हस्तियों ने की सराहना Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस गरिमामयी समारोह में प्रख्यात जलपुरुष राजेंद्र सिंह, केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल आर्य और जैन मुनि लोकेश मुनि महाराज सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। वक्ताओं ने पानी की हर एक बूंद बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया और राजीव शर्मा के प्रयासों की सराहना की। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदमोह से शुरू हुआ था जल बचाने का सफर Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराजीव शर्मा ने अपने प्रशासनिक सेवाकाल के दौरान वर्ष 1991 में दमोह जिले के राजनगर तालाब के गहरीकरण के साथ जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए थे। लगभग सौ एकड़ में फैले इस जलाशय का जीर्णोद्धार उनके शुरुआती और महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल रहा है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके बाद उन्होंने नरसिंहपुर में सींगरी नदी को नया जीवन देने और शाजापुर क्षेत्र में जल स्रोतों को संवारने का कार्य किया। वर्ष 2000 में मंदसौर के गरोठ क्षेत्र में उन्होंने भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा दिया, जिसके तहत हजारों की संख्या में कुओं और नलकूपों के माध्यम से भूजल स्तर को सुधारने का अभियान चलाया गया। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक हजार से अधिक गांवों में चला जलाभिषेक अभियान Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउनके मार्गदर्शन में चलाए गए जलाभिषेक अभियान का दायरा करीब ग्यारह सौ गांवों तक फैला। इस मुहिम के दौरान लगभग छह सौ स्टॉप डैम और बोरी बंधान जैसी जल संरचनाओं का निर्माण किया गया, जिससे बारिश के पानी को रोकने में मदद मिली और बाद में साल 2005 में इस मॉडल को व्यापक स्तर पर अपनाया गया। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवर्ष 2004 से 2011 के बीच मंडला, बालाघाट और उमरिया जिलों में भी रोजगार गारंटी योजना के जरिए जल संरचनाएं विकसित की गईं। वहीं, साल 2023 में शहडोल संभाग में जल क्रांति अभियान के तहत किसानों को अपने ट्यूबवेल और कुओं में वर्षा जल उतारने के लिए प्रेरित किया गया। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअपने पैतृक गांव गढ़ी जौरी में भी उन्होंने युवाओं को साथ लेकर तालाब की सफाई करवाई। इसके अलावा भिंड क्षेत्र के लगभग तीस गांवों में स्थानीय नागरिकों को जल संचयन और भूजल बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों के प्रति जागरूक करने का काम किया गया है। Add text below Add image below