Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले के सुरपुरा थाना क्षेत्र में युवती से दुष्कर्म के मामले में सह आरोपी विवेक कुमार यादव की पहली नियमित जमानत याचिका अदालत ने नामंजूर कर दी है। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को आधार बनाते हुए यह फैसला सुनाया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-f3f8ccab
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के सुरपुरा थाना क्षेत्र से जुड़े चर्चित दुष्कर्म मामले में अदालत ने सह आरोपी को बड़ा झटका दिया है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्यों को आधार बनाते हुए सह आरोपी विवेक कुमार यादव की नियमित जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्या है पूरा मामला Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना 15 जुलाई 2026 की है। पीड़ित युवती ने सुरपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह दोपहर करीब 2 बजे सुरपुरा स्थित हनुमान मंदिर के पास अपनी बुआ के घर नावली जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रही थी। उसी समय सुमित यादव और एक अन्य युवक सफेद रंग की कार से वहां पहुंचे और उसे नावली छोड़ने की बात कही। पीड़िता उनकी बात पर विश्वास कर कार में बैठ गई। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायत के अनुसार आरोपी दोनों युवकों उसे कार से अटेर किले तक ले गए, जहां मुख्य आरोपी सुमित ने उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद आरोपी उसे वापस सुरपुरा की तरफ लाए और परा तिराहे के पास कार से नीचे उतार दिया। नीचे उतरने के दौरान पीड़िता के पैर में चोट भी आई थी, जिसके बाद उसने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना बताई। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस कार्रवाई और जब्ती Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1), 70(1) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने सह आरोपी विवेक कुमार को 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था और अगले दिन 19 जुलाई को अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच के दौरान पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त सफेद मारुति सुजुकी कार (क्रमांक एमपी-07-एई-1372) को भी जब्त कर लिया था। वाहन के मालिक ने पुलिस को दिए बयान में पुष्टि की थी कि 15 जुलाई की सुबह विवेक ही इस कार को लेकर गया था। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत में वकीलों की दलीलें Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि विवेक पूरी तरह निर्दोष है और उसे इस मामले में साजिश के तहत फंसाया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि उसके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवहीं, अभियोजन पक्ष और फरियादिया के अधिवक्ता हिमांशु शर्मा ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने लिखित आपत्ति पेश कर कोर्ट को बताया कि आरोपी ने मुख्य आरोपी के साथ मिलकर पीड़िता को वाहन से ले जाने और छोड़ने में सहयोग किया था। आशंका जताई गई कि जमानत मिलने पर वह गवाहों और साक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने माना कि इस मामले में विवेचना पूरी हो चुकी है और चालान पेश किया जा चुका है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या ऐसा प्रतीत नहीं होता कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। अपराध की प्रकृति गंभीर होने और आजीवन कारावास तक के प्रावधान को देखते हुए न्यायालय ने विवेक कुमार यादव की ओर से प्रस्तुत पहली नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया। Add text below Add image below