Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryलहार के बिजली कार्यालय में सरकारी राशि के गबन का मामला सामने आने के बाद उच्चाधिकारियों ने कड़ा कदम उठाया है। शुरुआती जांच में ढाई लाख से अधिक की हेराफेरी मिलने पर जेई और बाबू को निलंबित कर दिया गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-f0ef0831
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के अंतर्गत आने वाले लहार बिजली दफ्तर में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) नवीन शुक्ला और कार्यालयीन बाबू सुघर सिंह दोहरे को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है। दोनों कर्मचारियों पर सरकारी राजस्व के दुरुपयोग और गबन का गंभीर आरोप है, जिसकी पुष्टि प्राथमिक जांच में होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबैंक खाते में जमा कराने के बजाय हड़पी गई राशि Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिजली वितरण कंपनी के काउंटर पर उपभोक्ताओं द्वारा बिलों के भुगतान के रूप में जमा की जाने वाली नकदी को नियमानुसार सरकारी बैंक खाते में नहीं भेजा जा रहा था। इस राशि को खुर्द-बुर्द किए जाने की शिकायतों के बाद विभाग ने अंदरूनी स्तर पर मामले की पड़ताल शुरू की थी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशुरुआती जांच में सामने आया गबन का आंकड़ा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउप महाप्रबंधक और प्रबंधक स्तर के अधिकारियों द्वारा की गई शुरुआती छानबीन में पिछले तीन महीनों के दौरान करीब 2 लाख 73 हजार रुपए के गबन का खुलासा हुआ है। विभागीय जानकारों का मानना है कि इस प्रकरण में जैसे-जैसे दस्तावेजों की गहराई से जांच होगी, घोटाले की यह रकम और अधिक बढ़ सकती है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसहायक अभियंता (एई) मयंक अरजरिया ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि वित्तीय अनियमितताओं और पैसों की हेराफेरी के पुख्ता प्रमाण मिलने पर दोनों कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है ताकि इसमें संलिप्त अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सके और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा सके। Add text below Add image below