Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryपूर्व मंत्री राकेश चौधरी के पुत्र भरत चौधरी ने लेह-लद्दाख जाकर परम पावन दलाई लामा से मुलाकात की। इस दौरान दलाई लामा ने उन्हें ऊंचे आदर्श रखने और समाज सेवा के रास्ते पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-ed8fbf86
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचंबल की माटी और भिंड के संस्कारों को वीरता व संघर्ष का पर्याय बताते हुए तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने भिंड के भरत चौधरी से मुलाकात की। लेह-लद्दाख में हुई इस विशेष भेंट के दौरान दलाई लामा ने उन्हें मानवता और समाज सेवा का संकल्प बनाए रखने की प्रेरणा दी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपूर्व मंत्री के पुत्र ने लिया आशीर्वाद Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभंड के रहने वाले पूर्व मंत्री राकेश चौधरी के पुत्र भरत चौधरी ने हाल ही में लेह-लद्दाख की यात्रा के दौरान दलाई लामा से साक्षात भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने आध्यात्मिक गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके विचारों को अपने जीवन के लिए मार्गदर्शक बताया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुलाकात के दौरान दलाई लामा ने चर्चा करते हुए कहा कि चंबल क्षेत्र जैसी मजबूत पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को अपने जीवन के अनुभवों व संस्कारों को जनहित और समाज कल्याण में लगाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इंसान को अपने आदर्श हमेशा ऊंचे रखने चाहिए ताकि उनसे देश और समाज को एक नई दिशा मिल सके। फिर चाहे व्यक्ति राजनीति में सक्रिय हो या किसी अन्य क्षेत्र में, उसके लिए मानवीय मूल्य हमेशा सर्वोपरि होने चाहिए। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचंबल को बताया चेतना की मूल जड़ Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदलाई लामा से मुलाकात के बाद भरत चौधरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भिंड और चंबल की माटी उनके जीवन की चेतना का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि इसी क्षेत्र की मिट्टी ने उन्हें संघर्ष का सामना करने, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने तथा समाज के सबसे निचले पायदान पर बैठे व्यक्ति के दर्द को महसूस करने की सीख दी है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्होंने आगे कहा कि भले ही भौगोलिक रूप से चंबल और हिमालयी क्षेत्र लेह के बीच लंबी दूरी हो, लेकिन सांस्कृतिक और आत्मिक रूप से पूरे भारत की आत्मा एक ही सूत्र में बंधी हुई है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवंचितों के उत्थान का संकल्प Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभरत चौधरी ने यह भी कहा कि चंबल के मेहनतकश किसानों व मजदूरों से लेकर हिमालय के कोने-कोने तक इंसानियत और आत्मसम्मान की भावना एक जैसी ही है। उनका मुख्य उद्देश्य भिंड की माटी से मिले इन्हीं संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए खड़े होना है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्होंने अंत में कहा कि समाज में बराबरी की इस लड़ाई को निरंतर आगे बढ़ाना और पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना उनका आजीवन प्रयास रहेगा। दलाई लामा के साथ हुई यह मुलाकात उनके लिए मानवीय सेवा और उच्च जीवन मूल्यों के मार्ग पर चलने का एक बेहद प्रेरणादायी पल रहा। Add text below Add image below