Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले के लहार में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान एसडीएम द्वारा महिला पटवारी के साथ अभद्रता करने का मामला तूल पकड़ गया है। पटवारी संघ ने इस घटना के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-e1a40569
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteलहार एसडीएम पर महिला पटवारी से अभद्रता का आरोप Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के लहार क्षेत्र में प्रशासनिक कामकाज के दौरान विवाद की स्थिति बन गई है। लहार एसडीएम महेंद्र सौजन्या पर एक महिला पटवारी के साथ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के सामने आने के बाद से राजस्व अमले और पटवारियों में रोष व्याप्त है, जिसके चलते पटवारी संघ ने खुलकर विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुना है। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिला पटवारी संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, यह घटना 8 सितंबर की शाम को हुई थी। तय कार्यक्रम के तहत सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा की जानी थी। इसके लिए लहार एसडीएम ने वाट्सऐप संदेश और कार्यालयीन ऑपरेटर के जरिए फोन करवाकर पटवारियों को अपने कक्ष में बुलाया था, जहां पहुंचने पर कथित तौर पर उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबैठक के दौरान कहे गए आपत्तिजनक शब्द Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंघ के जिला अध्यक्ष विनायक सिंह तोमर और जिला सचिव सौरभ भदौरिया द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि 8 सितंबर को शाम करीब 7 बजे जब पटवारी एसडीएम कक्ष में पहुंचे, तो वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि अधिकारियों की ओर से ‘कौन है’, ‘किसने बुलाया है’, ‘यहां क्यों आए हैं’ और ‘ये कोई सार्वजनिक जगह है जो मुंह उठाकर चले आए’ जैसी बातें कहीं गईं। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामला तब और गंभीर हो गया जब एक महिला पटवारी के बैठने को लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया। संघ का आरोप है कि महिला पटवारी से यह कहा गया कि वह वहां क्या एसडीएम की शक्ल देखने आई है और किससे पूछकर बैठी है। साथ ही उन्हें यह भी निर्देश दिया गया कि जब तक बैठने के लिए न कहा जाए, तब तक वे खड़ी रहें। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्ट्रेट पहुंचकर की गई निष्पक्ष जांच की मांग Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस घटना से आहत पटवारी संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके लिए घटना के समय मौके पर मौजूद अन्य पटवारियों, नायब तहसीलदार और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाने की बात भी कही गई है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके साथ ही पटवारी संघ ने एसडीएम के कार्यक्षेत्र में पूर्व में पटवारियों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाइयों जैसे वेतन कटौती, वेतन रोकने और निलंबन के मामलों की भी समीक्षा की मांग उठाई है। संघ का कहना है कि यह जांच भी होनी चाहिए कि इन मामलों में कर्मचारियों को नियमानुसार नोटिस और सुनवाई का अवसर मिला था या नहीं। Add text below Add image below10Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपीएम किसान शिकायतों और कार्यप्रणाली पर सवाल Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन के दौरान पटवारी संघ ने पीएम किसान योजना से जुड़ी सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के प्रबंधन पर भी सवाल उठाए। संघ का कहना है कि पोर्टल पर वास्तविक स्थिति बदलने या आवेदन में संशोधन करने जैसी तकनीकी सुविधाएं सीधे तौर पर पटवारी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती हैं, इसलिए ऐसे मामलों के लिए कर्मचारियों को बेवजह जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। Add text below Add image below12Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंघ ने अंत में कलेक्टर से आग्रह किया है कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता के साथ-साथ शासकीय कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए। पटवारियों को भयमुक्त और सम्मानजनक माहौल में काम करने का अवसर मिलना चाहिए, हालांकि संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि वे प्रशासनिक अनुशासन के विरोधी नहीं हैं। Add text below Add image below