Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिण्ड के पुराने रेलवे स्टेशन परिसर में मंगलवार को रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंचे अमले का स्थानीय व्यापारियों ने कड़ा विरोध किया। करीब 16 बीघा जमीन पर चली इस कार्रवाई के दौरान दस्तावेज दिखाने को लेकर रेलवे अधिकारियों और व्यापारियों के बीच लगभग दो घंटे तक तीखी बहस हुई।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-e0095983
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिण्ड शहर के पुराने रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मंगलवार दोपहर रेलवे विभाग का अमला बुलडोजर और जेसीबी मशीनें लेकर अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचा। इस दौरान करीब 16 बीघा भूमि पर कार्रवाई करते हुए रेलवे प्रशासन ने लगभग 7 से 8 स्थानों पर बने अस्थायी कब्जों को हटा दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी गहमागहमी का माहौल बना रहा। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदस्तावेज दिखाने पर अड़े व्यापारी, अधिकारियों से हुई नोकझोंक Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद कारोबारियों ने अपने पुराने कागजात दिखाते हुए जमीन पर खुद का मालिकाना हक होने का दावा किया। व्यापारियों का कहना था कि वे इस जगह पर लंबे समय से व्यापार करते आ रहे हैं और बिना उनके दस्तावेजों की ठीक से जांच किए बिना इस तरह अचानक कार्रवाई करना पूरी तरह गलत है। हालांकि, मौके पर मौजूद रेलवे अधिकारियों ने उन कागजों को वैध मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में करीब दो घंटे तक तीखी बहस होती रही। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस और प्रशासनिक अमले ने संभाली व्यवस्था Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबढ़ते हुए विवाद और तनाव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन तथा स्थानीय पुलिस बल को तुरंत मौके पर बुलाया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभालते हुए दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की और करीब तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखे गए। विरोध के बावजूद रेलवे अमले ने अपने तय प्लान के अनुसार अस्थायी निर्माणों को गिराने का काम जारी रखा। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteई-नीलामी के जरिए लीज पर देने की है योजना Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुराने रेलवे स्टेशन परिसर की इस बेशकीमती जमीन को पूरी तरह सुरक्षित करने के बाद इसे ई-नीलामी प्रक्रिया के जरिए लीज पर देने की योजना है। इसी उद्देश्य के तहत जमीन का सीमांकन कर वहां किए गए अतिक्रमणों को हटाने का अभियान शुरू किया गया है ताकि आगे की व्यावसायिक प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सके। Add text below Add image below08Quote Paragraph Heading Subheading Quoteसतीश शिवहरे नामक स्थानीय व्यापारी का कहना है कि इस जमीन पर उनके परिवार का कब्जा करीब एक सदी यानी 100 साल से चला आ रहा है। उनके मुताबिक यह उनके दादा के समय की पैतृक जगह है और रेलवे के रिकॉर्ड में किसी गलती के कारण नाम दर्ज हुआ है, जिस पर न्यायालय में मामला भी विचाराधीन है। उन्होंने दोटूक कहा कि वे अपनी इस जमीन पर किसी भी कीमत पर जबरन कार्रवाई नहीं होने देंगे। Add text below Add image below