Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशासकीय संभागीय आईटीआई भिंड में प्राचार्य और कर्मचारियों के बीच का विवाद तूल पकड़ गया है। प्रशिक्षण अधिकारी के निलंबन के विरोध में लामबंद हुए स्टाफ ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर कार्रवाई को एकपक्षीय बताया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-defaa4fc
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के शासकीय संभागीय आईटीआई संस्थान में प्राचार्य और कर्मचारियों के बीच चल रहा आपसी गतिरोध अब सड़क पर आ गया है। प्रशिक्षण अधिकारी मुकेश कटारे के निलंबन से नाराज बड़ी संख्या में संस्थान का स्टाफ मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचा और जोरदार प्रदर्शन किया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्राचार्य पर एकपक्षीय कार्रवाई और मनमानी के आरोप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें स्पष्ट कहा गया कि प्रशिक्षण अधिकारी पर की गई निलंबन की कार्रवाई पूरी तरह से एकपक्षीय है। स्टाफ ने प्राचार्य पुष्कर बंसल पर मनमाने तरीके से काम करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के गंभीर आरोप लगाए। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quote5 अक्टूबर की घटना से गरमाया मामला Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकर्मचारियों के अनुसार, यह पूरा विवाद 5 अक्टूबर को दोपहर करीब पौने दो बजे हुई एक बैठक के दौरान शुरू हुआ। बैठक में क्लास संचालन और मेहमान प्रवक्ता द्वारा सामान ले जाने के मुद्दे पर चर्चा हो रही थी। आरोप है कि इसी दौरान प्राचार्य ने मुकेश कटारे के साथ अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया और उनकी गोपनीय चरित्रावली को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्टाफ का कहना है कि घटना के समय पंकज शर्मा, उपेंद्र शर्मा, देवेंद्र भदौरिया, मुकेश कुमार, प्रवीण राजौरिया और हरबीर सिंह पारा मौके पर मौजूद थे। कटारे ने उसी दिन इसकी लिखित शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन बिना किसी प्रत्यक्षदर्शी के बयान लिए और बिना निष्पक्ष जांच के प्राचार्य के प्रतिवेदन पर निलंबन आदेश थमा दिया गया। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकर्मचारियों से निजी काम कराने और धमकाने का दावा Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदिए गए ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संस्थान में कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है और उनके साथ अपमानजनक बर्ताव किया जाता है। स्टाफ ने आरोप लगाया कि एक कर्मचारी को बैठक के दौरान सभी के सामने बाहर खड़ा रखा गया। इसके अलावा, लिपिकीय और निजी काम कराने के साथ-साथ महिला कर्मचारियों के प्रति भी अनुचित व्यवहार किए जाने की शिकायत सामने आई है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्टाफ ने बिना लिखित सूचना के बैठकें बुलाने का भी जिक्र किया। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि कलेक्टर और संचालनालय स्तर की बैठकों या वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्राचार्य खुद शामिल नहीं होते और अपनी जिम्मेदारी प्रशिक्षण अधिकारियों पर थोप देते हैं। Add text below Add image below10Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनिलंबन रद्द करने और स्वतंत्र जांच की मांग Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने मांग की है कि मुकेश कटारे का निलंबन तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए और उन्हें मूल पद पर बहाल किया जाए। साथ ही 5 अक्टूबर की घटना की स्वतंत्र जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराने और सभी गवाहों के बयान दर्ज करने का अनुरोध किया गया है। Add text below Add image below