Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryप्रदेश सरकार द्वारा प्रशासनिक फेरबदल के तहत आईएएस अधिकारी पवन कुमार जैन को भिंड जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, पूर्व कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा को भोपाल भेजते हुए वित्त विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-dde35545
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्य प्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए देर रात भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए। इसी क्रम में भिंड जिले के प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव किया गया है। सरकार ने किरोड़ी लाल मीणा को भिंड कलेक्टर के पद से हटाकर राजधानी भोपाल में वित्त विभाग के उप सचिव के रूप में पदस्थ किया है। Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउनकी जगह पर 2013 बैच के अधिकारी पवन कुमार जैन को भिंड का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। कार्यभार संभालने से पहले वे सहकारिता विभाग में उप सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। नए कलेक्टर के सामने जिले की प्रशासनिक मशीनरी को गति देने और स्थानीय समस्याओं का प्रभावी ढंग से निराकरण करने की मुख्य चुनौती होगी। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक साल का कार्यकाल और विवादों से नाता Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिरोड़ी लाल मीणा ने पिछले साल 3 अक्टूबर को भिंड जिले की कमान संभाली थी और कुल 366 दिनों तक इस पद पर रहे। उनका यह कार्यकाल मिला-जुला और चर्चाओं में घिरा रहा। इस अवधि में कोई ऐसा बड़ा प्रशासनिक सुधार या उपलब्धि सामने नहीं आई जिसकी विशेष चर्चा हो। इसके विपरीत, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर तालमेल न बैठ पाना और हथियार लाइसेंस से जुड़े मामले लगातार सुर्खियों में बने रहे। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसूत्रों के अनुसार, जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताई जा रही थी और पिछले कुछ महीनों से उनके स्थानांतरण की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, शासन द्वारा जारी आदेश में तबादले की कोई विशिष्ट वजह नहीं बताई गई है, लेकिन इसे प्रशासनिक आवश्यकताओं के तहत सामान्य फेरबदल माना जा रहा है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहथियार लाइसेंस प्रकरण और दलालों की सक्रियता रही अहम मुद्दा Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपूर्व कलेक्टर के कार्यकाल के दौरान शस्त्र लाइसेंस का मामला सबसे बड़ा विवाद बना रहा। पूर्व के समय में जारी किए गए कुछ लाइसेंसों को निरस्त करने के निर्णय के बाद यह प्रकरण काफी गरमाया था। इसके अलावा, कलेक्ट्रेट की लाइसेंस शाखा में दलालों की घुसपैठ और एक महिला कर्मचारी की संदिग्ध संलिप्तता का खुलासा होने के बाद इस विभाग पर पिछले एक साल से ताला लगा हुआ है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशाखा बंद रहने के कारण आम नागरिकों और लाइसेंस आवेदकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है, जो अपने जरूरी कामों के लिए लगातार कलेक्ट्रेट के चक्कर काटते रहे हैं। ऐसे में व्यवस्था को सुधारना और अटके हुए कार्यों को दोबारा शुरू करना नए अधिकारी के लिए बड़ी चुनौती होगी। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनवागत कलेक्टर से जनता और जनप्रतिनिधियों को उम्मीदें Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड की कमान संभालने वाले पवन कुमार जैन से अब जिले के लोगों और जनप्रतिनिधियों को काफी अपेक्षाएं हैं। जिलेवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वे किस प्रकार समन्वय स्थापित करते हुए कलेक्ट्रेट से जुड़े कामों को सुचारू बनाते हैं और लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करते हैं। Add text below Add image below