Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमेहगांव पुलिस ने एटीएम काउंटर पर एल्युमिनियम प्लेट लगाकर नकदी उचकाने वाले तीन शातिर आरोपियों को दबोचा है। पुलिस ने इनके कब्जे से 94 एटीएम कार्ड और करीब 36 लाख रुपये का माल बरामद किया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-d448aa7a
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले की मेहगांव थाना पुलिस ने एटीएम मशीनों में तकनीकी फेरबदल कर उपभोक्ताओं की गाढ़ी कमाई ऐंठने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो अनोखे तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी एटीएम के कैश डिस्चार्ज ट्रे पर काले टेप की मदद से एल्युमिनियम की प्लेट चिपका दिया करते थे, जिससे निकलने वाला पैसा बाहर नहीं आ पाता था। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएसबीआई एटीएम को बनाते थे निशाना Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा मामला 29 सितंबर को भिंड-ग्वालियर हाईवे पर गोरमी तिराहे के पास स्थित एसबीआई एटीएम में सामने आया था। जब एक पीड़ित ग्राहक ने रुपये निकालने का प्रयास किया तो खाते से रकम कट गई और पर्ची भी निकल आई, लेकिन मशीन से कैश बाहर नहीं आया। बैंक जाकर पड़ताल करने पर लेनदेन सफल होने की पुष्टि हुई। जब एक अन्य ग्राहक के साथ भी ऐसी ही घटना घटी, तो 1 अक्टूबर को थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। नतीजतन, 2 अक्टूबर को पुलिस ने गोरमी तिराहे के समीप संदिग्ध अवस्था में घूम रहे तीन युवकों को घेराबंदी कर दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने एटीएम से नकदी चुराने की बात कबूल कर ली। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगूगल मैप से ढूंढते थे हाईवे के एटीएम Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये शातिर अपराधी गूगल मैप की सहायता से एसबीआई के एटीएम की लोकेशन तलाशते थे। वे विशेष रूप से हाईवे के आसपास स्थित एटीएम को अपना निशाना बनाते थे ताकि घटना को अंजाम देने के बाद आसानी से दूसरे शहर फरार हो सकें। ये सभी आरोपी 24 सितंबर को नोएडा से टाटा हैरियर कार में सवार होकर निकले थे और आगरा, मुरैना, ग्वालियर के रास्ते मेहगांव पहुंचे थे। इनकी योजना दक्षिण भारत तक जाकर ऐसी वारदातों को अंजाम देने की थी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस के अनुसार, यह गिरोह वर्ष 2018 से इसी संगठित तरीके से एटीएम बूथों पर हेराफेरी कर रहा है। पूछताछ के दौरान इन्होंने बताया कि वे वर्ष 2019 में देहरादून और वर्ष 2020 में रुद्रपुर में भी पकड़े जा चुके हैं और जेल की हवा खा चुके हैं। ये लोग अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड बदलकर भी ठगी करने में माहिर हैं। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteलाखों का सामान और वाहन जब्त Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपकड़े गए आरोपियों की पहचान सत्यार्थ (पुत्र देवेंद्र मिश्रा, निवासी वजीरगंज, अयोध्या), सत्यम सिंह परिहार (पुत्र अजयवीर सिंह परिहार, निवासी केडीए कॉलोनी, यशोदनगर, कानपुर) और अभिजीत सिंह (पुत्र प्रद्युम्न कुमार सिंह, निवासी हरदोई, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस ने आरोपियों के पास से 7 एल्युमिनियम प्लेट, विभिन्न बैंकों के 94 एटीएम कार्ड, 2 कैंची, काले व नीले रंग के टेप, फेवीक्विक, चार महंगे स्मार्टफोन, आईफोन एक्स और वारदात में प्रयुक्त टाटा हैरियर कार बरामद की है। जब्त किए गए कुल मशरूका की कीमत लगभग 36 लाख रुपये आंकी गई है। इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में थाना प्रभारी रविंद्र शर्मा और उनकी टीम के साथ साइबर सेल के कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। Add text below Add image below