Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryविश्व दृष्टि दिवस पर भिंड जिला अस्पताल से छात्र-छात्राओं द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई। चिकित्सकों ने मोबाइल और स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल से आंखों को बचाने के लिए 20-20 नियम अपनाने की सलाह दी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-cc311b18
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले में विश्व दृष्टि दिवस के मौके पर जिला अस्पताल परिसर से एक विशेष नेत्र सुरक्षा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर शिरकत की और आमजन को आंखों की सेहत के प्रति जागरूक किया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविभिन्न मार्गों से गुजरी जागरूकता रैली Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह जागरूकता रैली जिला अस्पताल से आरंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों जैसे परेड चौराहा, गांधी मार्केट और सदर बाजार से होती हुई वापस जिला अस्पताल पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान विद्यार्थियों ने तख्तियों के माध्यम से लोगों को दृष्टि सुरक्षा का संदेश दिया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteस्क्रीन टाइम के दौरान अपनाएं 20-20 का नियम Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनेत्र चिकित्सक प्रभात उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि आज के समय में बच्चों और युवाओं द्वारा मोबाइल, लैपटॉप व कंप्यूटर का उपयोग काफी बढ़ गया है, जिससे आंखों पर बुरा असर पड़ रहा है। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन और थकान की समस्या पैदा होती है। इससे बचाव के लिए 20-20 का फार्मूला बेहद कारगर है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचिकित्सकों ने समझाया कि स्क्रीन पर लगातार 20 मिनट तक काम करने के बाद हर बार कम से कम 20 सेकंड के लिए आंखों को विश्राम देना चाहिए। इसके अलावा कक्षा में पीछे बैठने वाले बच्चों को यदि ब्लैकबोर्ड पढ़ने में कठिनाई हो, तो उनकी तुरंत नजर की जांच कराई जानी चाहिए और जरूरत पड़ने पर चश्मा लगवाना चाहिए। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quote40 वर्ष की आयु के बाद नियमित जांच है जरूरी Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविशेषज्ञों का कहना है कि 40 साल की उम्र पार करने के बाद आंखों की रोशनी कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। इस अवस्था में मोतियाबिंद और काला पानी जैसी गंभीर नेत्र बीमारियों के शुरुआती लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आंखों में किसी भी प्रकार की तकलीफ होने पर खुद से मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेकर डालने के बजाय किसी योग्य नेत्र विशेषज्ञ से ही परामर्श करना उचित है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरैली के समापन अवसर पर उपस्थित डॉक्टरों ने धूल, तेज हवा और दोपहिया वाहन चलाते समय आंखों की हिफाजत करने के उपाय भी बताए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नेत्र संबंधी किसी भी समस्या को हल्के में न लें और समय पर डॉक्टर से जांच करवाएं। Add text below Add image below