Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुंबई के रेप आरोपी को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पूर्व नायब तहसीलदार और अन्य आरोपियों की निगरानी याचिका खारिज होने से उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर बरकरार रहेगी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-cb909160
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड के प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने के एक गंभीर मामले में पूर्व तहसीलदार मोहनलाल शर्मा और अन्य आरोपियों को तगड़ा झटका दिया है। अदालत ने आरोपियों की ओर से दायर की गई सभी निगरानी याचिकाओं को एक सिरे से खारिज कर दिया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरेप आरोपी को बचाने का है गंभीर आरोप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा प्रकरण मुंबई में दर्ज एक दुष्कर्म के मामले के आरोपी विमल यादव को कानूनी कार्रवाई से सुरक्षित बचाने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने से जुड़ा है। आरोप है कि इस अवैध कृत्य को अंजाम देने के लिए सरकारी दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स में गंभीर हेरफेर की गई थी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइन सात लोगों पर दर्ज है एफआईआर का आदेश Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत के निर्देश पर जिन सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें तत्कालीन नायब तहसीलदार मोहनलाल शर्मा, पटवारी संजीव शर्मा, सचिव शेरसिंह यादव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी जादौन, विमल यादव, आशुतोष सिंह यादव और राजकुमार दुबे शामिल हैं। सीजेएम कोर्ट ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनिचली अदालत के इस आदेश के खिलाफ पूर्व नायब तहसीलदार मोहनलाल शर्मा सहित चार आरोपियों ने प्रथम अपर सत्र न्यायालय में निगरानी याचिकाएं दाखिल की थीं, ताकि उन्हें कानूनी कार्रवाई से राहत मिल सके। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस अब दस्तावेजों की गहराई से करेगी जांच Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसोमवार को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि आरोपियों को कोई राहत नहीं मिलेगी और उनकी सभी चारों याचिकाएं खारिज कर दी गईं। इसके चलते अब आरोपियों पर दर्ज एफआईआर और कानूनी शिकंजा पूरी तरह बरकरार है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत के इस फैसले के बाद स्थानीय पुलिस अब मामले में आगे की विस्तृत जांच को गति देगी। जांच के दौरान इस बात की तह तक जाया जाएगा कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने में किस-किस अधिकारी और कर्मचारी की क्या भूमिका रही है तथा मुंबई के मामले में इसका उपयोग कैसे किया गया था। Add text below Add image below