Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कमिश्नर ने चंबल क्षेत्र के युवाओं की प्रतिभा की सराहना की। इस दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-c36e989a
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचंबल अंचल की माटी में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, और यहां के युवा हर क्षेत्र में अपनी योग्यता का लोहा मनवा रहे हैं। भिंड में आयोजित एक मेधावी छात्र सम्मान समारोह के दौरान यह बात प्रमुखता से सामने आई। अधिकारियों और बुद्धिजीवियों का मानना है कि यहां के छात्र बोर्ड परीक्षाओं से लेकर अन्य क्षेत्रों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteयुवाओं में जज्बे की कमी नहीं Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसमारोह को संबोधित करते हुए कमिश्नर ने कहा कि चंबल क्षेत्र को लेकर कई बार लोगों की धारणाएं अलग होती हैं, जबकि सच्चाई यह है कि यहां के युवाओं में असीम जज्बा और कुछ कर दिखाने का जुनून है। जो युवा किसी लक्ष्य को ठान लेते हैं, उसे हासिल करके ही रहते हैं। नई पीढ़ी को इसी सकारात्मक ऊर्जा और लगन के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस अवसर पर उन्होंने बाबा जनक राम ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान के लिए ऐसी संस्थाओं का होना बेहद जरूरी है जो शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड में आरोग्यधाम जैसा प्रकल्प बनाने की आवश्यकता Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए कमिश्नर ने कहा कि भिंड में भी ग्वालियर के आरोग्यधाम की तर्ज पर एक बड़ा स्वास्थ्य प्रकल्प विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने शहर के चिकित्सकों, समाजसेवियों और सक्षम नागरिकों से इस नेक काम में आगे आने की अपील की। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस प्रकार के किसी भी प्रयास के लिए प्रशासन की तरफ से जमीन और अन्य जरूरी मदद पूरी तरह से मुहैया कराई जाएगी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि भिंड के डॉक्टरों में विशेष सेवा भाव देखने को मिलता है। हालांकि, स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने का दायित्व अकेले चिकित्सा विभाग का नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रशासन, डॉक्टरों और पूरे समाज को मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचिकित्सा व्यवस्था और संवाद कार्यक्रम Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्रों के सम्मान के साथ ही वरिष्ठ चिकित्सकों के लिए ‘चिकित्सकों के मन की बात’ संवाद सत्र का भी आयोजन हुआ। इसमें जिले के कई अनुभवी डॉक्टरों ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अपने अनुभव और जमीनी परेशानियां सबके सामने रखीं। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपूर्व कमिश्नर राजीव शर्मा ने ट्रस्ट के सामाजिक कार्यों का विवरण देते हुए कहा कि डॉक्टरों को किसी भी प्रकार के दबाव में रखकर काम नहीं करवाना चाहिए। उनका मानना था कि अनावश्यक प्रशासनिक दबाव, सिफारिशों और राजनीतिक दखलअंदाजी का बुरा प्रभाव पूरी चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ता है, जिसका खामियाजा अंततः इलाज कराने वाले मरीजों को भुगतना पड़ता है। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस दौरान भिंड सीएमएचओ डॉ. जीएस यादव ने अपने विचार रखते हुए कहा कि कोई भी चिकित्सक कभी नहीं चाहता कि उसके इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हो। डॉक्टर हमेशा पूरी ईमानदारी से सेवा देते हैं, बशर्ते उन्हें उचित सहयोग मिले। मरीजों और उनके तीमारदारों को भी सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर डॉक्टरों का साथ देना चाहिए। वहीं डॉ. हिमांशु बंसल ने बताया कि इलाज से पहले राजनीतिक सिफारिशों के फोन आने से डॉक्टरों पर अनुचित दबाव बनता है, जिससे गंभीर मामलों में कई बार स्थितियां जटिल हो जाती हैं। Add text below Add image below