Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले में उर्वरक वितरण के लिए नई ई-विकास 2.0 प्रणाली लागू कर दी गई है। इसके तहत अब किसानों को खाद के लिए मैन्युअल टोकन की जरूरत नहीं होगी और वे ऑनलाइन माध्यम से आसानी से खाद प्राप्त कर सकेंगे।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-b793ca34
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले में खाद और उर्वरक वितरण व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए ई-विकास 2.0 (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली शुरू कर दी गई है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए लंबी लाइनों में लगकर मैन्युअल टोकन लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कृषि उपज मंडी प्रांगण से अब पूरी प्रक्रिया ई-टोकन के आधार पर संचालित होगी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों को मिलेगी पसंद के उर्वरक की सुविधा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों, निजी विक्रेताओं और अन्य हितधारकों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए ई-विकास 2.0 पोर्टल को बेहद सरल और प्रभावी बनाया गया है। अब अन्नदाता अपनी जमीन की पात्रता के अनुसार पहली बार में ही अपनी जरूरत का कोई भी एक उर्वरक आसानी से खरीद सकेंगे। इसके अलावा, फसलवार आईसीएआर की अनुशंसा के अनुसार या उससे अधिक मात्रा में खाद लेने की सुविधा भी इसमें जोड़ी गई है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअतिरिक्त उर्वरक की आवश्यकता होने पर किसानों को अब 50 शब्दों में लिखित कारण देने से राहत दे दी गई है। पोर्टल पर अब केवल एक ड्रॉपडाउन विकल्प के जरिए कारण का चयन करना होगा। खाद की गणना प्रति हेक्टेयर बैग के हिसाब से की जाएगी और किसान पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी देखकर अपनी पसंद का उर्वरक चुन सकेंगे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteटोकन निरस्त करने और शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनई प्रणाली के तहत यदि किसी किसान का टोकन जनरेट हो जाता है, तो उसे 24 घंटे के भीतर निरस्त करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। फसल खराब होने जैसी विशेष परिस्थितियों में दोबारा खाद की मांग के लिए एक्सेप्शनल हैंडलिंग का प्रावधान है, जिसके मामलों का अनुमोदन तहसीलदार या एसडीएम स्तर से 48 घंटे के भीतर किया जाएगा। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों पर मांग के आधार पर प्रतिदिन 300 से अधिक टोकन जनरेट करने की क्षमता होगी और वहां पर्याप्त खाद का भंडारण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहेल्पलाइन नंबर पर करें संपर्क Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड के उपसंचालक कृषि ने स्पष्ट किया है कि 20 अगस्त से मैन्युअल खाद वितरण पूरी तरह बंद कर दिया गया है। किसानों को किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 7880223344 जारी किया गया है। शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच इस नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। Add text below Add image below