Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryजिले में सड़कों और फसलों में घूम रहे मवेशियों को लेकर जिला पंचायत सीईओ द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद पंचायतों में हड़कंप मच गया है। कार्रवाई के डर से सरपंच अब ग्रामीणों से अपने पशुओं को घरों में बांधने की अपील कर रहे हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-ae8ccabe
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले में आवारा घूम रहे गोवंश को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) वीरसिंह चौहान द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद स्थानीय पंचायतों में सरगर्मी तेज हो गई है। कुल आठ सरपंचों को उनके पदों से हटाने की चेतावनी मिलने के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में गोवंश को नियंत्रित करने के प्रयास युद्ध स्तर पर शुरू कर दिए गए हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनिरीक्षण के दौरान सामने आई थी लापरवाही Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबीती 11 सितंबर को जिला पंचायत सीईओ ने मैदानी भ्रमण किया था, जिसमें मुख्य सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और किसानों के खेतों में मवेशियों को खुलेआम घूमते हुए पाया गया था। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए भिंड जनपद की मानपुरा, बाराकलां, ऊमरी, ढोंचरा व खेरा श्यामपुरा, लहार जनपद की लपवाहा व ररी तथा रौन जनपद की मेहदा पंचायत के सरपंचों को नोटिस थमाए गए थे। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन का कहना है कि सड़कों पर घूम रहे इन मवेशियों के कारण आए दिन यातायात बाधित होता है और गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में जन-धन की हानि की आशंका बनी रहती है। नोटिस में सभी संबंधित पंचायतों को गोवंश के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसरपंचों को दी गई है पद से पृथक करने की चेतावनी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायतों द्वारा मवेशियों के प्रबंधन में बरती जा रही यह लापरवाही उनके पदीय दायित्वों के खिलाफ है। पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 40 के तहत इन सरपंचों को उनके पद से हटाने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सभी आरोपित प्रतिनिधियों को 15 सितंबर यानी मंगलवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना जवाब और आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयदि निर्धारित समय पर प्रस्तुत किए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो प्रशासन की ओर से एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगांवों में कराई गई मुनादी, पशुओं को बांधने की अपील Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकड़ी कार्रवाई के खतरे को भांपते हुए पंचायत प्रतिनिधियों ने अब जमीन पर प्रयास तेज कर दिए हैं। लपवाहा ग्राम पंचायत में सरपंच अरविंद शर्मा और सचिव रामकेश शर्मा की देखरेख में गांवभर में मुनादी कराई गई। इसमें ग्रामीणों से साफ तौर पर कहा गया है कि वे अपनी गायों को खुला न छोड़ें और उन्हें घरों में ही बांधकर रखें। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरी कवायद का मुख्य मकसद किसानों की फसलों को बर्बाद होने से बचाना और सड़कों पर मंडराते खतरे को कम करना है। अब मंगलवार को होने वाली सुनवाई के दौरान सरपंचों द्वारा रखे जाने वाले पक्षों और सबूतों के आधार पर ही आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी। Add text below Add image below11Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसरकारी गोशालाओं के संचालन पर उठ रहे सवाल Add text below Add image below12Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय स्तर पर यह बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है कि जब शासन स्तर पर गोवंश के संरक्षण के लिए गोशालाएं बनाई गई हैं और उनके निर्माण, चारे-पानी तथा रख-रखाव पर भारी भरकम सरकारी बजट खर्च किया जाता है, तब भी मवेशी सड़कों और खेतों में क्यों भटक रहे हैं। बहरहाल, इस ताजा प्रशासनिक चाबुक के बाद पंचायतों पर अपनी व्यवस्थाओं को सुधारने का भारी दबाव बन गया है। Add text below Add image below