Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसरकारी विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और बोर्ड परीक्षा के परिणाम सुधारने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने एक खास खाका तैयार किया है। इसके तहत डाइट परिसर में एक्सीलेंस मॉनिटरिंग सेंटर बनाया जाएगा, जहां सेवानिवृत्त शिक्षकों की मदद से रोजाना की पढ़ाई की समीक्षा की जाएगी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-a9584c92
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों को बेहतर करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक नई और सख्त योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके अंतर्गत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में एक एक्सीलेंस मॉनिटरिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इस सेंटर के जरिए स्कूलों में चल रही पढ़ाई, बच्चों की उपस्थिति और सिलेबस पूरा होने की गति पर सीधी नजर रखी जाएगी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरोजाना दिए जाएंगे टास्क, ऐसे होगी प्रगति की परख Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से सभी विद्यालयों को नियमित शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े दैनिक टास्क सौंपे जाएंगे। इन कार्यों के आधार पर यह परखा जाएगा कि पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो रहा है या नहीं और छात्रों की सीखने की गति कैसी है। जरूरत पड़ने पर शिक्षकों से ऑनलाइन माध्यम से भी ब्योरा मांगा जाएगा, ताकि कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए विशेष सुधार के उपाय किए जा सकें। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्राचार्यों और शिक्षकों की तय होगी सीधी जवाबदेही Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनई व्यवस्था लागू होने के बाद अब स्कूलों की शैक्षणिक सेहत के लिए वहां के प्राचार्यों और शिक्षकों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। स्कूलवार समीक्षा के जरिए यह देखा जाएगा कि कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति कैसी है और परीक्षा परिणाम को सुधारने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। जिन स्कूलों का प्रदर्शन कमजोर मिलेगा, उन्हें चिह्नित करके सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसेवानिवृत्त शिक्षकों और अमले को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमॉनिटरिंग सेंटर के संचालन के लिए विभाग वर्तमान के साथ-साथ सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों की एक टीम तैयार कर रहा है। यह टीम ब्लॉक स्तर से विद्यालयों की सूचनाएं एकत्र कर उनका गहराई से विश्लेषण करेगी। इसके अलावा, अन्य विभागों में अटैच ऐसे कर्मचारियों और शिक्षकों की सेवाएं भी हफ्ते में एक-दो दिन लेने की योजना है, जिनके पास वर्तमान दफ्तरों में काम का बोझ कम है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिले में कुल मिलाकर करीब 2,400 सरकारी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें से शुरुआती चरण में 163 हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों पर पूरा फोकस रखा जाएगा। शुरुआत 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं वाले स्कूलों से होगी और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पहली से आठवीं तक के विद्यालयों को भी इस घेरे में शामिल किया जाएगा। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरी कार्ययोजना के तहत विभाग का लक्ष्य सांदीपनि और शासकीय उत्कृष्ट विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा परिणामों को शत-प्रतिशत करना है। इसके लिए पालक-शिक्षक संघों को भी सक्रिय किया जा रहा है ताकि बच्चों की पढ़ाई लिखाई में अभिभावकों की भागीदारी और संवाद को और मजबूत किया जा सके। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिला शिक्षा अधिकारी सुधांशु द्विवेदी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एक्सीलेंस मॉनिटरिंग सेंटर को धरातल पर उतारने के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसका मुख्य मकसद सरकारी स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाना और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की हर दिन मॉनिटरिंग करना है। Add text below Add image below