Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले में पदस्थ वन विभाग के एसडीओ रामकुमार के खिलाफ पांच संतानों की जानकारी छिपाने का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री कार्यालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद सीएम हेल्पलाइन पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-96607723
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल संभाग के भिंड जिले में वन विभाग में पदस्थ एसडीओ रामकुमार एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। उन पर अपनी पांच संतानों से जुड़ी जानकारी सेवा अभिलेखों में छिपाने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री कार्यालय और सीएम हेल्पलाइन में गुहार लगाई है, जिसके बाद प्रशासनिक हलकों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसेवा अभिलेखों में नहीं दिया गया पूरा विवरण Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायतकर्ता अनिल कुमार द्वारा 17 अक्टूबर को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि सहायक वन संरक्षक के पद पर कार्यरत अधिकारी ने शासन को अपने परिवार से जुड़ी सही और पूरी जानकारी नहीं सौंपी। आरोप है कि एसडीओ की पांच बेटियां हैं, जबकि उनके सरकारी सेवा अभिलेख में केवल एक बेटी शिवानी अरोलीया का नाम ही दर्ज कराया गया है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अलावा, परिवार आईडी में हिमांशी अरोलीया और वान्या अरोलीया के नाम भी दर्ज होने का दावा किया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाकी दो बेटियों की जानकारी भी आधिकारिक रिकॉर्ड से गायब रखी गई है, जिससे नियमों के उल्लंघन का अंदेशा जताया जा रहा है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर से होते हुए मामला पहुंचा सीएम हेल्पलाइन Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशुरुआती शिकायत भिंड डीएफओ कार्यालय में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद मामले की जांच के लिए ग्वालियर के मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर किसी अन्य वन मंडल से जांच कराने की सिफारिश की गई थी। हालांकि, समय पर अपेक्षित कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता ने भोपाल मुख्यालय और सीएम ऑफिस का रुख किया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मिलने के बाद 21 अक्टूबर को इस मामले को आधिकारिक रूप से सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कर लिया गया। अब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएल-1 स्तर से शुरू होगी जांच प्रक्रिया Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसीएम हेल्पलाइन पर दर्ज होने के बाद इस शिकायत का निराकरण अब पहले यानी एल-1 स्तर से शुरू होगा। भिंड वन विभाग में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी आरके दीक्षित इस स्तर पर प्रक्रिया से जुड़े हैं, हालांकि उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यदि इस स्तर पर समाधान नहीं निकलता है, तो मामला आगे के उच्च स्तरों तक पहुंच सकता है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरतलब है कि इससे पहले यह विभाग एसडीओ रामकुमार और रेंजर कृतिका शुक्ला के बीच हुए आपसी विवाद को लेकर भी सुर्खियों में रहा था, जिसे बाद में अधिकारियों की मध्यस्थता से सुलझाने की बात सामने आई थी। बहरहाल, अब संतानों की जानकारी छिपाने के इस नए मामले में दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी। Add text below Add image below