Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले में 40 दिन में पैसा दोगुना करने का लालच देकर निवेश कराने वाली ऑरोरा एक्स कंपनी के कर्ताधर्ता भूमिगत हो गए हैं। पिछले 10 दिन से ऐप से निकासी बंद होने और दफ्तरों पर ताला लटकने से निवेशक परेशान हैं और पुलिस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-9023ffe8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले में ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहां 'ऑरोरा एक्स' नाम की कंपनी के माध्यम से लोगों को मात्र 40 दिन में रकम दोगुनी करने का सब्जबाग दिखाया गया था। कंपनी से जुड़े लोगों के अचानक गायब हो जाने और सामने नहीं आने के कारण स्थानीय निवेशकों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पिछले 10 दिनों से निवेशक लगातार कोशिश करने के बावजूद अपने पैसे ऐप के जरिए निकाल पाने में असफल साबित हो रहे हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअगस्त में शुरू हुआ था कारोबार, ग्रामीण इलाकों तक फैला नेटवर्क Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपीड़ित निवेशकों के अनुसार, इस कंपनी ने भिंड में अपने कारोबार की शुरुआत इसी साल अगस्त के महीने में की थी। शुरुआत में पावई और पिथनपुरा क्षेत्र से इसका कामकाज शुरू हुआ, लेकिन धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़कर ग्रामीण इलाकों तक पहुंच गया। कंपनी के नुमाइंदों ने कम अवधि में पैसे को दोगुना करने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाया। ऐप पर निवेशकों को ट्रेडिंग के जरिए मुनाफा होता हुआ भी दिखाया जाता था, जिससे उनका भरोसा और मजबूत हो गया और उन्होंने बेझिझक पूंजी लगा दी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quote14 अक्टूबर से बंद हुई निकासी, 23 के बाद संवाद पूरी तरह ठप Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकारोबार सामान्य चलने के बाद 14 अक्टूबर से ऐप पर निवेशकों की रकम की निकासी अचानक रोक दी गई। कंपनी के नुमाइंदों ने इसके पीछे ऐप को प्ले स्टोर पर लाने और उसे अपडेट किए जाने का बहाना बनाया। व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से निवेशकों को सब्र रखने की सलाह दी जाती रही और पैसे निकालने की तारीख बार-बार आगे खिसकाई जाती रही। आखिरी बार 23 अक्टूबर को निवेशकों को भुगतान शुरू होने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन इसके बाद से ग्रुप पर किसी भी तरह के नए संदेश आने बंद हो गए। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय स्तर पर अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए कंपनी ने भिंड में विधिवत कार्यालय भी खोला था। इस दफ्तर का उद्घाटन जिले के एक जाने-माने संत के कर-कमलों से कराया गया था। प्रचार-प्रसार के लिए शहर में कई जगहों पर बैनर लगवाए गए थे। इसके अलावा अटेर क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में जाकर बच्चों को पठन-पाठन सामग्री भी बांटी गई थी, जिसमें एक पूर्व जनप्रतिनिधि के भाई बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। इन हथकंडों के जरिए कंपनी ने स्थानीय लोगों का विश्वास जीता, लेकिन अब उनका मुख्य कार्यालय लंबे समय से बंद है और निवेशक अपनी जमा पूंजी बचाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनीतेश तोमर का नाम आया सामने, पुलिस जांच में जुटी Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपड़ताल के दौरान इस पूरे फर्जीवाड़े के पंजीयन और संचालन से जुड़े शख्स के रूप में नीतेश तोमर का नाम सामने आ रहा है। हालांकि, इस ठगी में और कौन-कौन लोग शामिल थे, कुल कितनी रकम का निवेश हुआ है और वास्तव में कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसकी अधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस पिछले तीन महीने से लगातार लोगों को ऐसी फर्जी निवेश योजनाओं के प्रति जागरूक कर रही थी। हमारे पास कुछ शिकायतकर्ता सामने आए हैं, और साइबर टीम इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है। जांच पूरी होने के बाद जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी और आरोपियों को शिकंजे में लिया जाएगा। - निरंजन राजपूत, सीएसपी Add text below Add image below