Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले के कनावर गांव में क्वारी नदी में गणपति विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जहां गहरे पानी में डूबने से तीन युवकों की मौत हो गई। मृतकों में नेवी परीक्षा पास कर चुका कृष्णा भदौरिया भी शामिल है, जिसकी मां ने आंखों के सामने यह पूरी त्रासदी देखी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-824bd484
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के कनावर गांव में क्वारी नदी पर बना वह पुल कृष्णा भदौरिया के लिए सिर्फ एक रास्ता नहीं था, बल्कि उसके फौज में अफसर बनने के सपनों की उड़ान का गवाह था। कृष्णा ने हाल ही में नेवी की परीक्षा पास की थी और वह फिजिकल टेस्ट की तैयारी के लिए रोजाना इसी पुल के आसपास दौड़ लगाया करता था। लेकिन किसे पता था कि जिस नदी के किनारे वह अपने भविष्य को संवारने की दौड़ दौड़ता था, वहीं उसकी जीवन यात्रा थम जाएगी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपहली बार घर में बैठाए थे बप्पा, विसर्जन के दौरान हुआ हादसा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपरिवार के लोगों ने बताया कि इस बार उनके घर में पहली बार गणपति महोत्सव का आयोजन किया गया था। अनुष्ठान पूरा होने के बाद प्रतिमा विसर्जन के लिए कृष्णा अपने दोस्तों मदन सिंह भदौरिया और अभिजीत सिंह भदौरिया के साथ क्वारी नदी पर पहुंचा था। उनके साथ कृष्णा की मां पार्वती और छोटा भाई विष्णु समेत करीब आठ से दस लड़के भी मौजूद थे। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनदी के तट पर शुरुआत में पानी काफी कम लग रहा था, जिससे युवकों को गहराई का जरा भी अंदाजा नहीं हुआ। वे जल्दी प्रतिमा विसर्जित कर घर लौटना चाहते थे, लेकिन पानी में उतरते ही स्थिति अचानक बदल गई। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक को बचाने के चक्कर में तीनों गहरे पानी में समाए Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, सबसे पहले मदन गहरे पानी की तरफ चला गया। उसे संकट में देख कृष्णा उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा और फिर अभिजीत भी दोनों की मदद के लिए पानी में उतर गया। कुछ ही पलों में तीनों एक गहरे गड्ढे की चपेट में आ गए और पानी में डूबने लगे। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनदी के किनारे खड़ी कृष्णा की मां पार्वती यह सब अपनी आंखों से देख रही थीं। उन्होंने बेटों को वापस लौटने के लिए जोर-जोर से आवाज लगाई और मदद के लिए चीखती रहीं, लेकिन जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, बहुत देर हो चुकी थी। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपरिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, भाई ने दी पुलिस को सूचना Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना के वक्त कृष्णा का छोटा भाई विष्णु भी वहीं मौजूद था। कृष्णा ने उसे किनारे पर ही रुककर वीडियो बनाने के लिए कहा था। भाइयों को डूबता देख विष्णु ने तुरंत पुलिस और ग्रामीणों को फोन पर घटना की जानकारी दी। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और पुलिस मौके पर पहुंची तथा स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवकों की तलाश शुरू की गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे कनावर गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस परिवार के साथ हुई अनहोनी से स्तब्ध है। Add text below Add image below