Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले की सिंध नदी स्थित गिरवासा रेत खदान पर अवैध उत्खनन को लेकर पिछले तीन दिनों से तनाव जारी है। रेत माफिया द्वारा रात के अंधेरे में नदी से रेत निकालने और ट्रैक्टर भरने को लेकर विवाद बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-77213777
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले में सिंध नदी के किनारे स्थित गिरवासा रेत खदान एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। पिछले तीन दिनों से यहां रात के समय अवैध रेत खनन को लेकर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत माफिया सक्रिय हैं और मनमाने ढंग से खनन कर रहे हैं। Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजानकारी के अनुसार, असवार थाना क्षेत्र की इस खदान पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा रोक लगाई गई है, इसके बावजूद रात के अंधेरे में नदी से धड़ल्ले से रेत निकाली जा रही है। आरोप है कि लोडर संचालक अपने 7-8 ट्रैक्टरों से सीधे नदी से रेत भरकर डंप कर रहे हैं, जबकि अन्य ट्रैक्टर चालकों को रेत भरने से रोका जा रहा है। इसी बात को लेकर पिछले तीन दिनों से लगातार झगड़े और विवाद हो रहे हैं। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगोलीबारी और दहशत का माहौल Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय सूत्रों के मुताबिक, शनिवार-रविवार की दरमियानी रात भी इसी खदान पर रेत भरने को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। इस दौरान नदी के दूसरे किनारे पर स्थित लिलवारी गांव की ओर से गोलीबारी की आवाजें सुनाई देने की बात सामने आई है। इस घटना के बाद गिरवासा क्षेत्र के निवासियों में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखूनी संघर्ष का पुराना इतिहास Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगिरवासा रेत खदान का इतिहास खूनी संघर्षों से भरा रहा है। वर्ष 2015 में खदान के संचालन को लेकर हुए विवाद में विनोद यादव और सुरेंद्र गुर्जर नामक दो व्यक्तियों की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद भी समय-समय पर यहां विवाद और गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक बार फिर खदान पर माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा है, जिससे पुरानी घटनाओं की पुनरावृत्ति का डर सता रहा है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस संबंध में असवार थाना प्रभारी सुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि पुलिस की पेट्रोलिंग टीम रात के समय रेत खदानों पर निगरानी रखती है। उन्हें अभी तक किसी विवाद या गोलीबारी की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि अवैध उत्खनन या किसी भी प्रकार के विवाद की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमटियावली में दबिश की अफवाह से हड़कंप Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी बीच, लहार थाना क्षेत्र के मटियावली गांव में अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर माइनिंग विभाग द्वारा देर रात दबिश दिए जाने की अफवाह फैल गई। इस खबर से रेत के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, अफवाह फैलने के बावजूद खदान पर ट्रैक्टर और लोडर जमे रहे और खनन कार्य जारी रहा। Add text below Add image below