Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले के लहार कस्बे में पिछले दो महीनों से बंदरों का भयंकर आतंक बना हुआ है, जिससे स्थानीय नागरिक दहशत में हैं। हालात यह हैं कि वन विभाग के पास इन जानवरों को पकड़ने के लिए कोई प्रशिक्षित टीम या बजट ही उपलब्ध नहीं है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-74c77527
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के लहार कस्बे के भीतर पिछले दो महीनों से बंदरों का भारी उत्पात देखने को मिल रहा है। यहां लगभग दो दर्जन बंदरों का झुंड आवासीय इलाकों की छतों से होते हुए सीधे घरों के आंगन और कमरों के भीतर तक धावा बोल रहा है। इन आवारा जानवरों के अचानक हमलावर हो जाने की वजह से बच्चे, व्यापारी, बुजुर्ग और वकील तक गंभीर रूप से जख्मी हो चुके हैं, जिससे स्थानीय आबादी में भारी भय का माहौल है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकचहरी से लौटे अधिवक्ता और बच्ची पर किया हमला Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकस्बे के वार्ड क्रमांक 11 स्थित मढ़यापुरा निवासी अधिवक्ता रमेश भारद्वाज हाल ही में न्यायालय से अपने घर लौटे थे। उन्होंने जैसे ही घर के बाहर अपनी स्कूटी रोकी, वैसे ही पेड़ पर बैठे एक बंदर ने उन पर पीछे से अचानक हमला बोल दिया। बंदर उनके शरीर को बुरी तरह नोचकर मौके से भाग निकला, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए तत्काल अस्पताल ले जाना पड़ा। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी तरह मंगलवार की सुबह मंगदस्त इलाके में एक अन्य घटना सामने आई, जहां आठ वर्षीय विपुल यादव पर बंदर ने झपट्टा मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। लहार के चौधरी मोहल्ला, ब्राह्मणपुरा, पचौरी मोहल्ला, तिवारीपुरा, पुराना बाजार और रामलीला मैदान जैसे तमाम हिस्सों में इस तरह की घटनाएं आम हो चुकी हैं, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डरने लगे हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदो साल पहले जा चुकी है एक युवक की जान Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteलहार क्षेत्र में बंदरों का यह खतरा कोई नया नहीं है। इससे पहले करीब दो साल पहले पोस्ट ऑफिस गली के पास एक युवक पर बंदर ने हमला किया था। उस वक्त वह मकान की दूसरी मंजिल पर था और बंदर के आक्रामक तेवर से घबराकर नीचे गिर गया था। इस हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी जान चली गई थी। इस पुरानी त्रासद घटना के बावजूद आज तक इस समस्या का कोई स्थायी हल नहीं निकाला जा सका है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवन विभाग की लाचारी और नागरिकों की मांग Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबंदरों के इस बढ़ते आतंक पर जब वन विभाग के रेंजर रूपकुमार दीक्षित से बात की गई, तो उन्होंने हैरान करने वाला बयान दिया। उनका कहना था कि लाल मुंह वाले इन बंदरों को काबू करने के लिए उनके विभाग के पास कोई भी प्रशिक्षित दस्ता नहीं है। ऐसे हालात में मथुरा जिले से प्राइवेट विशेषज्ञों को बुलाना पड़ता है, जिसके लिए विभाग के पास कोई निर्धारित बजट या फंडिंग भी नहीं होती है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविभाग द्वारा जिम्मेदारी लेने से साफ इंकार करने के बाद अब स्थानीय जनता के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए किससे गुहार लगाएं। लगातार बढ़ते हमलों और प्रशासनिक उदासीनता के बीच लहार के लोग जल्द से जल्द इन बंदरों को पकड़कर शहर से दूर छोड़ने और इस समस्या से निजात दिलाने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। Add text below Add image below