Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण भूखंडों की रजिस्ट्री का काम पटवारियों के विरोध के चलते पहले दिन शुरू नहीं हो सका। जिले में कुल 1 लाख 29 हजार से अधिक भूखंडों की रजिस्ट्री का प्रस्ताव है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-6b6dd3c0
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले में ग्रामीण आबादी के भूखंडों की रजिस्ट्री का बहुप्रतीक्षित कार्य पटवारियों के कड़े विरोध के कारण अटक गया है। तय कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार से यह प्रक्रिया शुरू होनी थी, परंतु जिले के ग्रामीण अंचलों में पहले दिन एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्या है पटवारियों की मुख्य आपत्ति और मांग Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसामने आ रही जानकारी के मुताबिक, स्वामित्व योजना के तहत तैयार हो रहे रजिस्ट्री दस्तावेजों में पटवारी का नाम दर्ज किया जा रहा है। पटवारियों ने आशंका जताई है कि यदि आने वाले समय में इन जमीनों या भूखंडों को लेकर किसी प्रकार का विवाद पैदा होता है, तो उन्हें व्यक्तिगत तौर पर कसूरवार ठहराया जा सकता है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी आशंका के चलते पटवारियों ने मांग उठाई है कि दस्तावेजों में उनका नाम शामिल करने के बजाय 'मध्यप्रदेश शासन' का उल्लेख किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि जब यह पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक और शासन के निर्देशों पर संचालित हो रही है, तो उसकी कानूनी जिम्मेदारी भी शासन के स्तर पर ही तय होनी चाहिए। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन और मुख्य सचिव के निर्देशों का असर Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइससे पहले, राजस्व विभाग के मुख्य सचिव की तरफ से यह स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत आने वाले संभावित विवादों से पटवारियों को अलग रखा जाएगा। हालांकि, इसके बावजूद पटवारी इस व्यवस्था से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। उनका मानना है कि केवल मौखिक या कागजी आश्वासन काफी नहीं है, बल्कि दस्तावेजों से उनका नाम पूरी तरह हटाया जाना चाहिए। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअपनी इसी मांग को लेकर बीते दिनों पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष विनायक सिंह तोमर की अगुवाई में दो सौ से अधिक पटवारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया था और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था। इसी नाराजगी के परिणामस्वरूप गुरुवार से निर्धारित रजिस्ट्री कार्य से पटवारी पूरी तरह दूर रहे। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quote1.29 लाख भूखंडों का होना है अभिलेखीकरण Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, भिंड जिले के भीतर स्वामित्व योजना के तहत कुल 1 लाख 29 हजार 64 भूखंडों की रजिस्ट्री की जानी है। इस पूरी योजना के दायरे में करीब 1 लाख 89 हजार 948 लोगों के संपत्ति अधिकारों का अभिलेखीकरण किया जाना तय किया गया है, जिसके लिए लगभग 450 पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में लंबे समय से काबिज लोगों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिलाना है। वैधानिक दस्तावेज मिलने से ग्रामीणों को संपत्ति की खरीद-फरोख्त, उत्तराधिकार तय करने और अन्य कानूनी कार्यों में खासी आसानी होने की उम्मीद जताई जा रही थी। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले पर स्वामित्व योजना के नोडल अधिकारी एवं अपर कलेक्टर राजन बी नाडिया का कहना है कि जिले में योजना के तहत फिलहाल एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। प्रशासन द्वारा इस बात की समीक्षा की जा रही है कि काम न होने के असल कारण क्या रहे हैं। Add text below Add image below