Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले में सोशल मीडिया पर विधायक को चेतावनी देने वाले आरक्षक आलोक राठौड़ को एसपी ने निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद सिपाही ने लहार एसडीओपी और थाना प्रभारियों पर आर्थिक लेन-देन के आरोप लगाए हैं, जिन्हें पुलिस अधिकारियों ने खारिज कर दिया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-587a3633
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के पुलिस महकमे में उस समय खलबली मच गई जब मिहोना थाने में चालक के तौर पर तैनात आरक्षक आलोक राठौड़ की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई। आरक्षक ने कुछ दिन पहले लहार विधायक को चेतावनी देते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जो तेजी से वायरल हो गई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएसपी ने लिया कड़ा एक्शन, आरक्षक निलंबित Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामला तूल पकड़ने के बाद भिंड पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने सख्त कदम उठाते हुए बुधवार शाम को आरक्षक आलोक राठौड़ को निलंबित कर दिया। हालांकि, कार्रवाई के कुछ ही घंटे बाद बुधवार रात करीब 9 बजे आरक्षक ने फिर से एक पोस्ट डाली और अपने निलंबन के पीछे लहार एसडीओपी प्रवीण त्रिपाठी का हाथ बताते हुए उन पर भ्रष्टाचार के आरोप मढ़ दिए। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपहले से मिल रही थीं अनुशासनहीनता की शिकायतें Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस विभाग के अनुसार, इस आरक्षक के खिलाफ काफी समय से ड्यूटी के दौरान शराब पीने और आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करने की शिकायतें आ रही थीं। लहार विधायक अंबरीश शर्मा समेत मिहोना क्षेत्र के कई लोगों ने इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई थी, जिसके आधार पर 14 अगस्त को इसे लाइन अटैच किया गया था। लाइन अटैचमेंट से नाराज होकर ही उसने विधायक के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट शेयर की थी। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीओपी और टीआई ने आरोपों को बताया बेबुनियाद Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआरक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए लहार एसडीओपी प्रवीण त्रिपाठी ने कहा कि ये सारे आरोप निराधार हैं और सिपाही अक्सर नशे की हालत में ऐसी हरकतें करता है। एसडीओपी ने यह भी दावा किया कि आरक्षक किसी विशेष राजनीतिक दल के इशारे पर इस तरह के बयान दे रहा है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवहीं, पोस्ट में 10 हजार रुपए के लेन-देन का स्क्रीनशॉट शेयर करने वाले लहार टीआई शिवसिंह यादव ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2022 में लहार पदस्थापना के दौरान आरक्षक दीपक यादव ने पारिवारिक काम के लिए उनसे पैसे उधार लिए थे, जिसे बाद में फोन-पे के जरिए लौटाया गया था। टीआई ने पुराने निजी लेन-देन को गलत तरीके से पेश करने की बात कही और इस मामले में न्यायालय जाने की बात कही है। Add text below Add image below