Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले में दशलक्षण पर्व के समापन पर सोमवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान जैन समाज के लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर क्षमावाणी पर्व मनाया और उत्तम क्षमा कहा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-578e0438
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteभव्य शोभायात्रा के साथ हुआ समापन Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड में जैन धर्म के दशलक्षण पर्व का समापन धार्मिक अनुष्ठानों और उत्साह के साथ हुआ। इस अवसर पर शहर में धर्म पताकाएं लहराईं और भक्ति गीतों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। शाम करीब सवा पांच बजे किला गेट क्षेत्र से श्रीजी की भव्य शोभायात्रा आरंभ हुई। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरथ और बग्गियों पर सजे नजर आए श्रद्धालु Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशोभायात्रा के दौरान सफेद वस्त्रों में सुसज्जित श्रद्धालु रथ पर विराजमान श्रीजी को लेकर आगे बढ़ रहे थे। इसके अलावा घोड़ा गाड़ियों और बग्गियों में इंद्र-इंद्राणी के स्वरूप में सजे श्रद्धालु मार्ग में विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे। युवा वर्ग भक्ति भजनों पर नृत्य करते हुए अनुशासनबद्ध तरीके से चल रहा था। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशहर के मुख्य मार्गों से गुजरी यात्रा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह शोभायात्रा किला गेट से शुरू होकर हनुमान बजरिया, गोल मार्केट, सदर बाजार, परेड चौराहा और अस्पताल चौराहा जैसे प्रमुख मार्गों से होती हुई कीर्ति स्तंभ तक पहुंची। मार्ग में जगह-जगह समाज के लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमुनि विनय सागर महाराज ने दिया संदेश Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकीर्ति स्तंभ पहुंचने पर मुनि विनय सागर महाराज और आर्यिका विजिज्ञासा ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने धर्म और जीवन में क्षमा के वास्तविक महत्व पर प्रकाश डाला, जिसे सुनकर सभी ने आत्मसात करने का संकल्प लिया। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंतों के प्रवचन के पश्चात जैन समाज के लोगों ने वर्षभर में हुई अनजाने की भूलों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगी। सभी ने आपस में 'उत्तम क्षमा' कहकर अपने मन के द्वेष भुलाए और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। Add text below Add image below