Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्यप्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर प्रदेश में डकैती और अपहरण प्रभावित क्षेत्र कानून 1981 को समाप्त करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इस कानून का अब आम नागरिकों और युवाओं के खिलाफ गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-4f254ee0
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल में राजनीतिक हलचल के बीच, प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र प्रेषित किया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने राज्य में लागू 'म.प्र. डकैती और अपहरण प्रभावित क्षेत्र कानून 1981' को फौरन निरस्त किए जाने की पुरजोर मांग की है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअंचल में अब कोई सक्रिय डकैत गिरोह नहीं Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअपने पत्र में डॉ. गोविंद सिंह ने तर्क दिया है कि वर्ष 2007 में आखिरी डकैत के खात्मे के बाद से चंबल संभाग सहित पूरे मध्यप्रदेश में किसी भी प्रकार का डकैत गिरोह सक्रिय नहीं बचा है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वर्ष 2012 के तत्कालीन गृह राज्यमंत्री उमाशंकर गुप्ता भी सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर चुके हैं कि राज्य से डकैतों का पूरी तरह सफाया हो चुका है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकड़े कानून के दुरुपयोग का लगाया गंभीर आरोप Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया है कि इस अत्यंत कड़े कानून का वर्तमान में भारी दुरुपयोग हो रहा है। उनके अनुसार, क्षेत्र में एक भी सक्रिय गिरोह न होने के बावजूद वर्ष 2020 से अब तक छह जिलों के भीतर इस पुराने कानून के अंतर्गत 1000 से अधिक प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जिसे उन्होंने चंबल अंचल की जनता के अधिकारों का खुला हनन करार दिया है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteयुवाओं और छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है असर Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडॉ. सिंह ने इस बात पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है कि छोटे-मोटे और सामान्य मामलों में भी इस सख्त कानून के तहत मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय स्तर पर युवाओं और उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि अंचल के नागरिकों के हितों और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस अप्रसांगिक हो चुके कानून को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए। Add text below Add image below