Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले के मेहगांव क्षेत्र में पदस्थ एक उच्च माध्यमिक शिक्षक को ई-अटेंडेंस प्रणाली के खिलाफ सोशल मीडिया पर भ्रामक और उकसाने वाली पोस्ट साझा करने पर निलंबित कर दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश के तहत उनका मुख्यालय निलंबन काल में अटेर तय किया गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-28b00d7f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल संभाग के भिंड जिले के अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरीक्षा, मेहगांव में पदस्थ उच्च माध्यमिक शिक्षक मनीष सागर पर गाज गिरी है। उन्हें स्कूलों में लागू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था के विरोध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार भ्रामक सामग्रियां पोस्ट करने के आरोप में सेवा से निलंबित कर दिया गया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमृतक शिक्षक के मामले को ई-अटेंडेंस से जोड़ने का आरोप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteलोक शिक्षण आयुक्त द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, शिक्षक मनीष सागर ने बीते वर्ष 22 अगस्त को रात 10:12 बजे रीवा जिले के शासकीय प्राथमिक शाला चोटिया/झोटिया के प्राथमिक शिक्षक प्रकाश सिंह के निधन को लेकर फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी। इस पोस्ट में शिक्षक की मौत का जिम्मेदार मध्यप्रदेश शासन की ई-अटेंडेंस प्रक्रिया को ठहराया गया था। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच में सामने आया कि आरोपी शिक्षक ने इससे पहले अपने एक्स अकाउंट से भी ई-अटेंडेंस के विरोध में कई संदेश प्रसारित किए थे। विभाग का मानना है कि इन गतिविधियों से शासन और स्कूल शिक्षा विभाग की छवि पर विपरीत असर पड़ा है तथा आमजन एवं अन्य शिक्षकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशिक्षकों को उकसाने और आचरण नियमों के उल्लंघन का मामला Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट के माध्यम से मनीष सागर ने अन्य शिक्षकों को नई व्यवस्था के विरुद्ध भड़काने का काम किया है। 15 अगस्त के आसपास भी उनके द्वारा सोशल मीडिया के जरिए अनुचित लाभ कमाने और भ्रामक सूचनाएं फैलाने से जुड़ी बातें आदेश में दर्ज की गई हैं। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविभाग ने शिक्षक के इस कृत्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उपनियम (1), (2) और (3) के प्रावधानों के विपरीत मानते हुए इसे गंभीर श्रेणी का कदाचरण करार दिया है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअटेर विकासखंड में तय किया गया नया मुख्यालय Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस अनुशासनात्मक कार्रवाई को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के अंतर्गत अंजाम दिया गया है। निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान शिक्षक मनीष सागर का कार्यक्षेत्र व मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अटेर रहेगा। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशासन के नियमों के अनुसार निलंबन काल में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। शिक्षा विभाग के इस सख्त कदम से मैदानी अमले में डिजिटल अनुशासन को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। Add text below Add image below