Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभाइंड जिले के आलमपुर क्षेत्र स्थित खिरिया में पूर्व विधायक राघवराम चौधरी की स्मृति में विशेष धार्मिक आयोजन चल रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जुटकर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और पूजन किया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-24bed2bd
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले के अंतर्गत आने वाले आलमपुर के खिरिया गांव में इन दिनों धार्मिक माहौल बना हुआ है। यहां पूर्व विधायक स्वर्गीय राघवराम चौधरी की 13वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सवा लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं शिवार्चन का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के दूसरे दिन बुधवार को इलाके के करीब दो सौ श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 51 हजार पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदंदरौआ धाम के महंत ने बताए सावन और शिव आराधना के मायने Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस धार्मिक अनुष्ठान में विशेष रूप से शामिल हुए दंदरौआ धाम के महंत रामदास महाराज ने इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व होता है। गाय के गोबर, मिट्टी, चंदन और बेलपत्र जैसी पवित्र सामग्री से पार्थिव शिवलिंग तैयार कर उनकी पूजा-अर्चना करने से सभी प्रकार के पापों का नाश होता है। इससे भक्तों को जीवन में सुख-शांति, धन-धान्य और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसमुद्र मंथन और महादेव के त्याग का प्रसंग Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहंत रामदास महाराज ने श्रद्धालुओं को समुद्र मंथन की कथा का स्मरण कराते हुए कहा कि सावन मास का इस पौराणिक घटना से गहरा संबंध है। इसी माह के दौरान समुद्र मंथन से हलाहल विष निकला था, जिसे भगवान शिव ने स्वयं पीकर संपूर्ण संसार की रक्षा की थी। महादेव के इसी महान त्याग की स्मृति में ही भक्तगण सावन माह में व्रत रखते हैं और उनकी उपासना करते हैं। मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण करना साधक की विनम्रता और भगवान के प्रति उसकी सच्ची निष्ठा का प्रतीक माना जाता है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यक्रम के निर्धारित क्रम के अनुसार, सभी उपस्थित भक्तों ने पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ इन पार्थिव शिवलिंगों का अभिषेक किया। पूजन अनुष्ठान संपन्न होने के पश्चात सभी शिवलिंगों को आदर सहित सोनभद्रिका नदी में प्रवाहित कर उनका विसर्जन किया गया। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्षेत्र के गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस अनुष्ठान के दौरान क्षेत्र के कई प्रमुख संत, राजनेता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में पं. अशोक स्वामी, रमाकांत खेमरिया, रामशरण राजौरिया, रामकुमार शास्त्री, रामजीशरण नायक, सुमित शास्त्री, पूर्व मंत्री रमाशंकर चौधरी, धीरज पटैल, रोहित मिश्रा, सत्यम खड्डर और शैलू कौरव सहित तमाम लोग शामिल होकर धर्म लाभ लिया। Add text below Add image below